मुस्लिम जज को कत्लेआम की धमकी, बढ़ाई गई सुरक्षा:हाईकोर्ट ने DGP से मांगा हलफनामा, 150 अकाउंट से भड़काऊ पोस्ट; 14 हत्यारों को सुनाई थी सजा
मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम में मॉब लिंचिंग केस में 14 हत्यारों को उम्रकैद की सजा सुनाने वाली मुस्लिम महिला जज तबस्सुम खान (एडीजे) को कत्लेआम
मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम में मॉब लिंचिंग केस में 14 हत्यारों को उम्रकैद की सजा सुनाने वाली मुस्लिम महिला जज तबस्सुम खान (एडीजे) को कत्लेआम की धमकी मामले में हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया है। हाईकोर्ट ने 3 दिन के भीतर DGP और ACS से हलफनामा मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 9 जुलाई को होगी। हाईकोर्ट के जस्टिस विवेक अग्रवाल और जस्टिस अवनींद्र कुमार सिंह की खंडपीठ ने कहा कि किसी न्यायिक अधिकारी को केवल इसलिए धमकाया नहीं जा सकता कि उसका फैसला समाज के किसी वर्ग को पसंद नहीं आया। कोर्ट ने इसे न्यायिक व्यवस्था पर सीधा दबाव बनाने की कोशिश माना है। इसके साथ ही आपत्तिजनक और भड़काऊ पोस्ट पर सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट्स ऑन रिकॉर्ड एसोसिएशन (SCAORA) ने भी कड़ी नाराजगी जताई। संगठन ने कहा- किसी भी न्यायिक आदेश को चुनौती अपीलीय अदालत में दी जानी चाहिए। जजों को धमकाना, बदनाम करना दुर्भाग्यपूर्ण है। एडीजे ने 12 जून को सुनाया था फैसला दरअसल, 12 जून को एडीजे तबस्सुम खान ने चर्चित मॉब लिंचिंग मामले में हत्यारों को सजा सुनाई थी। इसके बाद हिंदू संगठन से जुड़े कुछ लोगों ने वीडियो जारी किया था। आरोपियों ने कहा था- 10 दिन में हमारे सभी हिंदू भाई रिहा नहीं होते हैं, तो देश-प्रदेश में कत्लेआम होगा। वहीं दूसरे वीडियो में एक महिला ने भी जज को धमकाया था। वह कह रही थी- एक मुस्लिम जज बन गई और उसने अपनी औकात दिखा दी।
जिहादी जज बन गई। हमारे 14 हिंदू भाइयों को उम्रकैद की सजा सुनाई। तुम्हें इसका दंड तो भोगना पड़ेगा। पुलिस ने 2 अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया पुलिस ने वायरल वीडियो और अन्य सोशल मीडिया पोस्ट को संज्ञान में लेकर कार्रवाई शुरू कर दी है। थाना प्रभारी सुधाकर बारस्कर ने बताया कि सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट करने वाले 2 अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। उनकी पहचान कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। एसपी सांई कृष्णा एस थोटा ने बताया सोशल मीडिया पर कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाली, धमकी देने वाली या सांप्रदायिक वैमनस्य फैलाने वाली सामग्री साझा करने वालों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। जांच के आधार पर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। 150 अकाउंट पर पोस्ट हुए भड़काऊ वीडियो उन्होंने कहा सोशल मीडिया पर जो भड़काऊ और आपत्तिजनक वीडियो, कंटेंट पोस्ट किए हैं। 150 अकाउंट चिह्नित किए गए हैं। ऐसी पोस्ट और लिंक भी डिलीट कराई गई है। ऐसे अकाउंट की जानकारी फेसबुक और इंस्टाग्राम से मांगी है। उनकी पहचान कर कार्रवाई की जाएगी। सिवनी मालवा आकर भड़काऊ भाषण देने वालों की भी जानकारी जुटाई जा रही है। जज को धमकाने वालों की तस्वीरें देखिए… युवक ने सोशल मीडिया पर अपलोड किया फैसले के बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें एक युवक मुस्लिम जज को लेकर धमकी भरे शब्द बोलता नजर आ रहा है।
वीडियो में वह कहता है- हिंदू भाइयों देख लो, आज एक मुस्लिम जज बन गई है, तो हमारे 14 भाइयों को कारावास हो गया है। आगे कहता है- सोचो, जिस दिन मुस्लिम पीएम बन गया, तो तुम हिंदुओं का क्या हाल होगा। हालांकि, वीडियो अपलोड करने वाले व्यक्ति की पहचान अब तक नहीं हो सकी है। दूसरे वीडियो में कहा- 'तुम्हें इसका दंड तो भोगना पड़ेगा' वहीं एक अन्य वीडियो में वही युवक जज पर टिप्पणी करते हुए कहता है- तुम्हें शर्म नहीं आई, तुमने अपना मजहब दिखा दिया। मध्यप्रदेश में 14 लोगों को उम्रकैद सुना दी। मुसलमान होकर के तुमने (जज का नाम) अपना मजहब दिखा दिया। तुम्हारा जिहादी मजहब सिखाता है। इसके बाद वह कहता है- हिंदू भाइयों से कहना चाहता हूं कि नीम और भीम वाले जो संविधान की दुहाई देते हैं, संविधान नहीं है। कहां गया, चंद्रशेखर रावण, वह भी उसी मजहब का है, वह नहीं आएगा। महिला ने भी वीडियो जारी कर फैसले पर सवाल उठाए वहीं एक और वीडियो में एक महिला ने भी कोर्ट के फैसले पर आपत्तिजनक टिप्पणी की। वह कह रही है कि- एक मुस्लिम को जज बना दिया। उसने अपनी औकात दिखा दी। जिहादी ने हमारे 14 भाइयों को उम्रकैद की सजा सुनाई दी। 4 साल पुराना मामला, मवेशी से भरी रोकी थी गाड़ी मामला 3 अगस्त 2022 का है, जब महाराष्ट्र के अमरावती जा रहे एक ट्रक को सिवनी मालवा के बराखड़ गांव के पास रोक लिया गया था।