केतन अग्रवाल हत्याकांड: सिया-चेतन 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे गए, पुलिस जांच में इन सबूत पर संशय बरकरार
केतन अग्रवाल हत्याकांड के मुख्य आरोपी सिया गोयल और चेतन चौधरी को पुलिस रिमांड समाप्त होने के बाद शुक्रवार को एक बार फिर वडगांव मावल
केतन अग्रवाल हत्याकांड के मुख्य आरोपी सिया गोयल और चेतन चौधरी को पुलिस रिमांड समाप्त होने के बाद शुक्रवार को एक बार फिर वडगांव मावल कोर्ट में पेश किया गया। सुनवाई के दौरान अदालत परिसर और उसके आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। सुनवाई के बाद अदालत ने दोनों आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। दोनों आरोपियों को पुलिस रिमांड खत्म होने के बाद शुक्रवार को न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी ए.एम. विभूते की अदालत में पेश किया गया। सुनवाई के दौरान पुलिस ने दोनों की तीन दिन की अतिरिक्त पुलिस रिमांड मांगी थी। पुलिस का कहना था कि सिया और चेतन के मोबाइल फोन से मिले चैट संकेतों और कोड भाषा में हैं। इन चैट का मतलब समझने और मामले की जांच आगे बढ़ाने के लिए दोनों से हिरासत में पूछताछ जरूरी है।वहीं, दोनों आरोपियों के वकील ने पुलिस की मांग का विरोध किया। उनका कहना था कि पुलिस को पहले ही जांच के लिए पर्याप्त समय मिल चुका है, इसलिए अब और पुलिस हिरासत की जरूरत नहीं है।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने पुलिस की अतिरिक्त रिमांड की मांग खारिज कर दी और सिया गोयल व चेतन चौधरी को 16 जुलाई तक न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया।पुलिस का कहना था कि जांच के दौरान दोनों आरोपियों को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की जानी है। इसके अलावा, मामले से जुड़े कई चैट और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की रिकवरी और जांच करनी है। पुलिस जांच लगातार आगे बढ़ रही है। 2 जुलाई को जांच के सिलसिले में पुलिस सिया गोयल को उसके घर लेकर गई थी। वहां से पुलिस ने सिया की एक पैंट जब्त की, जिसे जांच के लिए महत्वपूर्ण साक्ष्य माना जा रहा है।वहीं, गुरुवार को लोनावला ग्रामीण पुलिस ने सिया गोयल और चेतन चौधरी से कई घंटों तक गहन पूछताछ की। पुलिस के मुताबिक, अब तक की जांच में कई डिजिटल सबूत जुटाए जा चुके हैं। इसके अलावा, जिस जगह केतन अग्रवाल की हत्या हुई थी, वहां दोनों आरोपियों की मौजूदगी में पूरे घटनाक्रम का सीन रिक्रिएशन भी कराया गया है, ताकि वारदात की कड़ियों को विस्तार से समझा जा सके।गुरुवार को जांच के सिलसिले में पुलिस सिया गोयल को पुणे के मार्केट यार्ड स्थित उसके घर लेकर गई थी।
इस दौरान वह काले रंग की टी-शर्ट पहने हुए थी और उसने अपने चेहरे को प्रिंटेड स्कार्फ से ढका हुआ था। घर से बाहर निकलते समय उसने वहां मौजूद मीडियाकर्मियों की ओर देखा और कैमरों के सामने मिडिल फिंगर दिखा दी। इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने उसकी कड़ी आलोचना की। कई लोगों ने हत्या जैसे गंभीर मामले में आरोपी होने के बावजूद इस तरह के व्यवहार को असंवेदनशील और अनुचित बताया।पुलिस के मुताबिक, सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी पर 18 जून को पुणे के पास लोहगढ़ किले की पहाड़ी से कारोबारी केतन अग्रवाल को धक्का देकर हत्या करने का आरोप है। शुरुआत में सिया ने पुलिस को बताया था कि केतन का पैर फिसलने से हादसा हुआ है, जिसके आधार पर पुलिस ने पहले आकस्मिक मौत का मामला दर्ज किया था।हालांकि पूछताछ के दौरान सिया के बयानों और उसके व्यवहार में कथित विरोधाभास मिलने के बाद पुलिस को शक हुआ। आगे की जांच में मिले सबूतों के आधार पर पुलिस ने सिया और चेतन को हत्या और आपराधिक साजिश के आरोप में गिरफ्तार किया।जांच में यह भी सामने आया कि सिया और केतन की शादी दोनों परिवारों की सहमति से तय हो चुकी थी और इस साल नवंबर में विवाह होना था।
