Mumbai Manhole Accident: बुजुर्ग की मौत के बाद ठेकेदार और कर्मचारियों पर मामला दर्ज; जांच में क्या आया सामने?
क्या पुलिस जांच में लापरवाही के संकेत मिले हैं? बीएमसी ने क्या कार्रवाई की और जांच कहां तक पहुंची? विपक्ष ने क्या सवाल उठाए?
क्या पुलिस जांच में लापरवाही के संकेत मिले हैं? बीएमसी ने क्या कार्रवाई की और जांच कहां तक पहुंची? विपक्ष ने क्या सवाल उठाए? पुलिस किन मुद्दों पर कर रही जांच? असलम इसाक शेख साकीनाका के यादव नगर के रहने वाले थे। पुलिस के अनुसार, खैरानी रोड पर ड्रेनेज लाइन की मरम्मत का काम चल रहा था। इसी दौरान निजी ठेकेदार के कर्मचारियों ने मैनहोल का ढक्कन हटाया हुआ था। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि असलम मोबाइल फोन पर बात करते हुए वहां से गुजर रहे थे और उन्हें खुला मैनहोल दिखाई नहीं दिया। देखते ही देखते वह उसमें गिर गए। कर्मचारियों ने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन तेज बहाव के कारण वह बह गए। बाद में अगला मैनहोल खोलकर उनकी तलाश की गई और उन्हें बेहोशी की हालत में बाहर निकाला गया, लेकिन अस्पताल में डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।पुलिस ने बताया कि घटना के बाद ठेकेदार और मरम्मत कार्य में लगे कर्मचारियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।
जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं। दमकल विभाग के अनुसार, सूचना मिलते ही बचाव अभियान शुरू किया गया, लेकिन ड्रेनेज में पानी का बहाव इतना तेज था कि राहत कार्य में काफी मुश्किलें आईं। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि कार्यस्थल पर चेतावनी बोर्ड, बैरिकेडिंग और अन्य सुरक्षा इंतजाम पर्याप्त थे या नहीं।घटना के बाद बीएमसी आयुक्त अश्विनी भिडे के निर्देश पर 'एल' वार्ड के सहायक आयुक्त समेत चार अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया। साथ ही अतिरिक्त नगर आयुक्त (पश्चिम उपनगर) की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय जांच समिति गठित की गई है। समिति को सात दिन के भीतर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है। बीएमसी का कहना है कि रिपोर्ट के आधार पर आगे जिम्मेदारी तय की जाएगी और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की विधायक सना मलिक ने घटना को प्रशासनिक लापरवाही का नतीजा बताया।
उन्होंने कहा कि हर साल मानसून से पहले तैयारियों को लेकर लंबी बैठकें होती हैं, लेकिन अधिकारी जमीन पर हालात देखने नहीं निकलते। उन्होंने सवाल उठाया कि मई में जारी हुए टेंडर का काम जुलाई में बारिश के बीच क्यों किया जा रहा था। उनके अनुसार, हाल के दिनों में एक बच्चे और अब एक बुजुर्ग की जान चली गई है, जिससे साफ है कि मानसून की तैयारियों में गंभीर खामियां हैं।पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि हादसे के लिए किस स्तर पर लापरवाही हुई। जांच रिपोर्ट आने के बाद ठेकेदार, संबंधित कर्मचारियों और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, इस घटना ने एक बार फिर मानसून के दौरान मुंबई में चल रहे विकास कार्यों, खुले मैनहोल और नागरिक सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय लोगों की मांग है कि मरम्मत कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन कराया जाए ताकि भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
