स्टूडेंट बनकर पहुंचा रिपोर्टर-₹1 में दरोगा बनाने वाली कोचिंग एक्सपोज:टीचर बोले- ये मार्केटिंग का तरीका, खान सर की कोचिंग ने कहा- इतने में ऑनलाइन पढ़ाएंगे
दो साल पहले दरोगा की तैयारी करने संजय पूर्णिया से पटना आया था। एक रुपए में दरोगा बनाने वाली फैक्ट्री का नाम बहुत सुना था।
दो साल पहले दरोगा की तैयारी करने संजय पूर्णिया से पटना आया था। एक रुपए में दरोगा बनाने वाली फैक्ट्री का नाम बहुत सुना था। पटना आते ही वहां एडमिशन ले लिया। 7 दिन पढ़ाई की तो पता चला कि यह तो ट्रायल था, आगे की तैयारी के लिए पैकेज चुनना होगा। 1 रुपए में बस मैप ही पढ़ाया जाएगा। बाद में घर वालों को पूरी कहानी बताई और पैसे मंगाकर स्पेशल पैकेज भी चुन लिया। 2 साल बाद भी संजय दरोगा नहीं बन पाया। संजय कोचिंग के जाल में ऐसा फंसा कि 2 साल बाद भी नहीं निकल पाया..। संजय के साथ बिहार के लाखों स्टूडेंट्स की यही कहानी है। वह हर साल कोचिंग के नाम पर ऑनलाइन और ऑफलाइन पैकेज के जाल में फंसते हैं। एक रुपए से लेकर 200 रुपए फीस में नौकरी का दावा करने वाले कोचिंग सेंटर्स की ये ट्रिक स्टूडेंट्स को फंसाने की है। बिहार में करीब 12 हजार करोड़ रुपए सालाना की कोचिंग इंडस्ट्री है। भास्कर इन्वेस्टिगेशन में पढ़िए 1 रुपए में दरोगा बनाने वाले दावों का काला सच..। पैकेज के नाम पर कोचिंग का धोखा.. खान सर और रौशन आनंद के बीच हुई कोचिंग वर्चस्व की लड़ाई के बाद भास्कर की इन्वेस्टिगेशन टीम पड़ताल के लिए पटना के मुसल्लहपुर हाट पहुंची। ये इलाका बिहार की कोचिंग का हब कहलाता है। हमारी नजर यहां लगे बड़े-बड़े पोस्टर्स पर पड़ी। यहां हर कोई एक रुपए में दरोगा बनाने का दावा कर रहा है। एक रुपए से लेकर 200 रुपए की फीस में सरकारी नौकरी का पैकेज देने वाले रेलवे, SSC, बिहार पुलिस और BPSC जैसी परीक्षाओं को क्वालीफाई कराने का दावा करते हैं। भास्कर की इन्वेस्टिगेशन टीम सबसे पहले मुसल्लहपुर हाट के किसान कोल्ड स्टोरेज कैंपस पहुंची। यहां हम खान ग्लोबल स्टडीज में स्टूडेंट बनकर दाखिल हुए। यहां हमें फाउंडेशन और टारगेट 2 तरह के बैच के बारे में बताया गया। फाउंडेशन में बेसिक से हायर लेवल तक की पढ़ाई होती है, जिसका टाइम ड्यूरेशन 18 महीने का है। टारगेट बैच में सिर्फ रिवीजन करवाया जाता है, जिसकी क्लास 6 महीने तक होती है। इसके अलावा फिजिकल और पॉलिटिकल मैप की भी पढ़ाई कराई जाती है। इसकी फीस 200 रुपए से लेकर 300 रुपए तक है। खान सर की कोचिंग के ऑफिस में बैठे निरंजन से हमारी बातचीत हुई। रिपोर्टर - मुझे क्लास जॉइन करनी है। निरंजन -एक क्लास चल रही है, ये टारगेट बैच है। इसका टाइम ड्यूरेशन 6 महीने का है। इसमें पीटी-मेंस का रिवीजन कराया जाएगा। इसकी फीस 2 हजार रुपए है। रिपोर्टर - मुझे फाउंडेशन बैच जॉइन करनी है। निरंजन - इसमें बेसिक से पढ़ाई कराई जाएगी, इसमें जीके-जीएस खान सर खुद पढ़ाएंगे। इसके साथ साइंस, आर्ट्स, इंटरनेशनल रिलेशन, कंप्यूटर भी खान सर पढ़ाएंगे। बाकी सब्जेक्ट दूसरे टीचर पढ़ाएंगे। क्लास सुबह के 7 बजे से शुरू होगी। शनिवार और रविवार को छुट्टी रहती है। रिपोर्टर - फाउंडेशन बैच की फीस कितनी है? निरंजन - फाउंडेशन बैच के लिए 6 हजार रुपए फीस है, लेकिन अभी ऑफर चल है। ऑफर में एडमिशन लेते हैं तो वन टाइम पेमेंट पर 3 हजार रुपए देने होंगे। इसमें 50% की छूट है। रिपोर्टर - बाकी सब्जेक्ट के लिए जो टीचर हैं, उनकी फीस अलग से जमा करनी होगी या इसी फीस में पढ़ाएंगे। निरंजन -उसके लिए अलग से देना होगा। शाम के समय में संतोष सर मैथ पढ़ाते हैं, उसके लिए 1500 रुपए फीस है लेकिन अभी ऑफर में 750 रुपए जमा करना होगा। इसी तरह इंग्लिश और रीजनिंग के लिए भी अलग-अलग टीचर हैं, सभी की फीस 1500 रुपए हर सब्जेक्ट की है। लेकिन ऑफर में 750 रुपए देने होंगे। अगर आप मैथ्स, रीजनिंग और इंग्लिश तीनों को एक साथ लेते हैं तो 2 हजार रुपए में हो जाएगा। खान सर और इन सभी की एक साथ क्लास जॉइन करने पर टोटल 5 हजार में हो जाएगा। ऑफर खत्म होने पर इसकी फीस हो जाएगी 10,500 रुपए। रिपोर्टर - कब तक ऑफर चलेगा? निरंजन - अभी ऑफर चल रहा है, जल्दी ही खत्म हो जाएगा। रिपोर्टर - यह क्लास ऑनलाइन चलेगी या ऑफलाइन? निरंजन - यह सारी क्लास ऑफलाइन चलेगी। रिपोर्टर - इस बैच में किसकी तैयारी कराई जाएगी? निरंजन - इसमें रेलवे, SSC, बिहार पुलिस की तैयारी कराई जाएगी। रिपोर्टर - हमने तो सुना है कि खान सर 100 रुपए फीस लेकर पढ़ाते हैं? निरंजन - वह सब कुछ ऑनलाइन क्लास में होता है, ऑफलाइन क्लास की फीस 100 रुपए नहीं है।