उम्र 80 साल, पति और 2 बेटों की मौत... 5 साल से पेंशन बंद... कहानी सुनकर कलेक्टर का भी दिल पिघल गया
सोचिए... 80 साल की एक बुजुर्ग महिला, जिसे दिखाई नहीं देता. पैर इतने कमजोर कि बिना सहारे चल भी नहीं सकती. पति नहीं, बेटे नहीं
सोचिए... 80 साल की एक बुजुर्ग महिला, जिसे दिखाई नहीं देता. पैर इतने कमजोर कि बिना सहारे चल भी नहीं सकती. पति नहीं, बेटे नहीं...
और जिंदगी चलाने का एकमात्र सहारा- सरकारी पेंशन. लेकिन वो भी पांच साल पहले बंद हो गई. इसके बाद शुरू हुआ सरकारी दफ्तरों के चक्कर
लगाने का ऐसा सिलसिला, जो तब जाकर रुका, जब दादी व्हीलचेयर पर बैठकर कलेक्टर के दरवाजे तक पहुंच गईं.
