Maharashtra: महाराष्ट्र में नौ पुलिसकर्मियों को उम्रकैद, पुलिस हिरासत में यातना देने के पाए गए दोषी
महाराष्ट्र के वाशिम जिले की एक अदालत ने वर्ष 2011 के हिरासत में मौत के मामले में नौ पुलिसकर्मियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है।
महाराष्ट्र के वाशिम जिले की एक अदालत ने वर्ष 2011 के हिरासत में मौत के मामले में नौ पुलिसकर्मियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश जेपी झापटे ने गुरुवार को यह फैसला सुनाया। दोषी ठहराए गए पुलिसकर्मियों में तत्कालीन रिसोड थाना प्रभारी माधव धांडे के अलावा मदन पवार, शिवाजी खिल्लारी, पंजाब पाटकर, रमेश पवार, प्रकाश तराम, नागोराव खांडके, अशोक वैद्य और वसंत जाधव शामिल हैं। यह मामला भेग्या पवार की मौत से जुड़ा है।
पुलिस ने उन्हें एक मामले की जांच के सिलसिले में वाशिम जिले के रिसोड थाने में हिरासत में लिया था। बाद में उनकी मौत हो गई। परिजनों ने आरोप लगाया कि पुलिस हिरासत में उनके साथ मारपीट और यातना की गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच महाराष्ट्र अपराध जांच विभाग (सीआईडी) को सौंप दी गई। सुनवाई के दौरान सीआईडी ने परिस्थितिजन्य साक्ष्य, मेडिकल रिपोर्ट और गवाहों के बयान अदालत में पेश किए।
इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने सभी आरोपियों को दोषी माना। अदालत ने सभी को भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। यह मामला भेग्या पवार की मौत से जुड़ा है। पुलिस ने उन्हें एक मामले की जांच के सिलसिले में वाशिम जिले के रिसोड थाने में हिरासत में लिया था। बाद में उनकी मौत हो गई। परिजनों ने आरोप लगाया कि पुलिस हिरासत में उनके साथ मारपीट और यातना की गई थी।मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच महाराष्ट्र अपराध जांच विभाग (सीआईडी) को सौंप दी गई।
सुनवाई के दौरान सीआईडी ने परिस्थितिजन्य साक्ष्य, मेडिकल रिपोर्ट और गवाहों के बयान अदालत में पेश किए। इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने सभी आरोपियों को दोषी माना। अदालत ने सभी को भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।
