बंगाल में UCC की ओर कदम: कैबिनेट ने ड्राफ्ट की जांच के लिए पैनल को दी मंजूरी, जानें कब तक पेश हो सकता है बिल?
पश्चिम बंगाल कैबिनेट ने गुरुवार को यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) विधेयक के मसौदे की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट की सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई
पश्चिम बंगाल कैबिनेट ने गुरुवार को यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) विधेयक के मसौदे की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट की सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में एक समिति के गठन को मंजूरी दे दी। इसके साथ ही राज्य में यूसीसी लागू करने की दिशा में भाजपा सरकार के प्रमुख सामाजिक सुधार एजेंडे को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया तेज हो गई है।
राज्य सरकार में मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने बताया कि समिति को यूसीसी के मसौदा विधेयक की विस्तार से समीक्षा कर अपनी सिफारिशें सौंपने के लिए चार सप्ताह का समय दिया गया है। कैबिनेट बैठक के बाद उन्होंने पत्रकारों से कहा, 'राज्य कैबिनेट ने पश्चिम बंगाल यूनिफॉर्म सिविल कोड-2026 के मसौदा विधेयक की जांच के लिए एक समिति के गठन को मंजूरी दी है।
सुप्रीम कोर्ट की सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता वाली यह समिति चार सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी, जिसके बाद विधेयक को विधानसभा में पेश किया जाएगा।'यह फैसला मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी द्वारा पश्चिम बंगाल में यूसीसी लागू करने की औपचारिक प्रक्रिया शुरू किए जाने के महज तीन दिन बाद लिया गया है। सरकार ने इस दिशा में तेजी दिखाते हुए अब मसौदे की कानूनी समीक्षा का काम भी शुरू करा दिया है।यूनिफॉर्म सिविल कोड पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में भाजपा के प्रमुख चुनावी वादों में शामिल था।
पार्टी ने चुनाव में तृणमूल कांग्रेस के 15 वर्षों के शासन को समाप्त करते हुए सत्ता हासिल की थी। अब सरकार अपने इस अहम वादे को पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
