Airport: अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए ट्रांजिट हब बन रहा दिल्ली, एक साल में इतने यात्रियों ने किया इस्तेमाल
दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (आईजीआई) एयरपोर्ट पर घरेलू उड़ानों से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में सफर करने वाले यात्रियों की संख्या तेजी से बढ़ी है। दिल्ली
दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (आईजीआई) एयरपोर्ट पर घरेलू उड़ानों से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में सफर करने वाले यात्रियों की संख्या तेजी से बढ़ी है। दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में ऐसे करीब 75 लाख यात्रियों ने दिल्ली एयरपोर्ट के जरिए अपनी यात्रा पूरी की। पिछले वित्त वर्ष में यह संख्या 41 लाख थी। डीआईएएल के अनुसार, अब ट्रांजिट यात्री दिल्ली एयरपोर्ट के कुल यात्री यातायात का बड़ा हिस्सा बन चुके हैं।
वित्त वर्ष 2025-26 में एयरपोर्ट से करीब 7.87 करोड़ यात्रियों ने यात्रा की है। इनमें हर चार में से एक यात्री ऐसा था, जिसने घरेलू उड़ान से पहुंचकर अंतरराष्ट्रीय उड़ान पकड़ी या अंतरराष्ट्रीय उड़ान से आकर घरेलू उड़ान से आगे की यात्रा तय की है। वित्त वर्ष 2025-26 में दोनों दिशाओं में मिलाकर करीब 75 लाख यात्रियों ने दिल्ली एयरपोर्ट को ट्रांजिट हब के रूप में इस्तेमाल किया।दिल्ली एयरपोर्ट पर ट्रांजिट यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए डीआईएएल घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के बीच बेहतर कनेक्टिविटी के लिए हब-एंड-स्पोक मॉडल को तेजी से विस्तार दे रहा है।
इसका उद्देश्य यात्रियों को दिल्ली के जरिए आसानी और कम समय में आगे की उड़ान उपलब्ध कराना है। डीआईएएल के अनुसार, इसके लिए एयरपोर्ट पर कई नई सुविधाएं शुरू की गई हैं। इनमें अंतरराष्ट्रीय कॉन्टैक्ट गेट, इंटरनेशनल-टू-इंटरनेशनल ट्रांसफर एरिया, डिजी यात्रा बायोमेट्रिक ई-गेट और यात्रियों की आवाजाही के लिए अलग कॉरिडोर शामिल हैं।डीआईएएल के मुताबिक, आने वाले समय में अधिक एयरलाइंस इस मॉडल को अपनाती हैं तो दिल्ली एयरपोर्ट से ट्रांजिट करने वाले यात्रियों की संख्या लाखों में बढ़ सकती है।
इससे विदेशों के ट्रांजिट हब के बजाय अधिक यात्री दिल्ली के जरिए अपनी आगे की यात्रा करना पसंद करेंगे। ट्रांजिट यात्रियों की बढ़ती संख्या से दिल्ली एयरपोर्ट दुनिया के प्रमुख हब एयरपोर्ट्स में अपनी स्थिति और मजबूत कर सकेगा।
