मोहाली में बच्चों के अंतिम संस्कार में पहुंची कातिल मां:लोगों ने चेहरा नहीं देखने दिया, कहा- तुझे ये हक नहीं; 3 बच्चे नहर में फेंके थे
मोहाली में अपने तीन बच्चों को नहर में फेंकने वाली मां शकुंतला को अंतिम संस्कार के समय बच्चों का मुंह नहीं देखने दिया गया। परिजन
मोहाली में अपने तीन बच्चों को नहर में फेंकने वाली मां शकुंतला को अंतिम संस्कार के समय बच्चों का मुंह नहीं देखने दिया गया। परिजन ने कहा कि जिसने हत्या की, उसे मुंह देखने का हक नहीं। वह अपने भाई और भाभी के साथ ऑटो में श्मशान घाट पहुंची थी। मुंह न दिखाने पर शकुंतला ने कहा- मैंने कौन सी गलती की है। मैंने खुद भी उनके साथ ही छलांग लगाई थी। मुझे वहां मौजूद लोगों ने देख लिया था और तुरंत नहर से निकाल लिया। इसी कारण मैं बच गई।
शंकुतला ने कहा कि जब से उसके पति कमल की मौत हुई है, तब से ससुराल पक्ष उसे परेशान कर रहा है। उसके साथ उसका देवर, सास, ससुर, ननद और नंदोई सभी मारपीट करते हैं। इसी वजह से वह परेशान रहती थी। शकुंतला ने कहा कि वह इस मामले को लेकर अलग-अलग लोगों से मिली थी, लेकिन किसी ने भी उसकी मदद नहीं की। यहां तक कि वह परेशान होकर प्रधान के पास भी गई थी, लेकिन वहां से भी उसे कोई मदद नहीं मिली। इसके बाद उसने यह कदम उठाया।
अब विस्तार से पढ़िए पूरा मामला… लोगों में पुलिस के खिलाफ गुस्सा बच्चों के अंतिम संस्कार में पहुंचे लोगों में पुलिस कार्रवाई को लेकर गुस्सा है। अंतिम संस्कार में पहुंचे राजू नाम के युवक ने बताया कि दो दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस ने कोई सख्त कार्रवाई नहीं की है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने बच्चों के शव तो नहर से बरामद कर लिए, लेकिन आरोपी महिला को खुला छोड़ रखा है और वह अपने मायके में रह रही है। दो पॉइंट में परिजन के आरोप… ॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰ यह खबर भी पढ़ें… पंजाब में मां ने की 3 बच्चों की हत्या:मोहाली से आकर रोपड़ नहर में फेंके; 4, 7 और 10 साल उम्र, खुद भी सुसाइड करने कूदी रोपड़ में मोहाली की एक महिला ने अपने 3 बच्चों को नहर में फेंक दिया।
इसके बाद खुद भी आत्महत्या करने के लिए नहर में छलांग लगा दी। इस घटना में तीनों बच्चों की मौत गई। इनमें से 2 बच्चों के शव गोताखोरों ने बरामद कर लिए। जबकि, एक बच्चे की तलाश जारी है। पढ़ें पूरी खबर…