तो पेट्रोल-डीजल में होगी 9-10 रुपये की बढ़ोतरी? तेल कंपनियों को मुनाफे के बीच एक्सपर्ट ने दिए संकेत
राजीव कुमार, नई दिल्ली। तेल मार्केटिंग कंपनियों का कहना है कि गत 15 मई से लेकर अब तक पेट्रोल-डीजल की खुदरा कीमत में 7.50 रुपए प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी के बावजूद उन्हें रोजाना 600 करोड़ रुपए का घाटा हो रहा है। ऐसे में यह कयास लगाए जा रहे हैं
राजीव कुमार, नई दिल्ली। तेल मार्केटिंग कंपनियों का कहना है कि गत 15 मई से लेकर अब तक पेट्रोल-डीजल की खुदरा कीमत में 7.50 रुपए प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी के बावजूद उन्हें रोजाना 600 करोड़ रुपए का घाटा हो रहा है। ऐसे में यह कयास लगाए जा रहे हैं कि इस घाटे को या तेल कंपनियां जिसे अंडर रिकवरी कहती हैं, को पूरा करने के लिए पेट्रोल-डीजल की खुदरा कीमत में अभी नौ से दस रुपए तक का इजाफा हो सकता है। पेट्रोल-डीजल के कीमतों में बढ़ोतरी का अनुमान 15 मई से पहले तक तेल कंपनियां यह कह रही थी कि कच्चे तेल की कीमत बढ़ने से उन्हें रोजाना 1000 करोड़ रुपए का घाटा हो रहा है।
पिछले 12 दिनों में 7.5 रुपए प्रति लीटर बढ़ाने के बाद उनका यह घाटा 1000 करोड़ रुपए से कम हो कर 600 करोड़ पर आ गया है। इसलिए कहा जा रहा है कि अभी पेट्रोल-डीजल की खुदरा कीमत और बढ़ोतरी होगी। तेल कंपनियों ने कमाया बंपर मुनाफा ऊर्जा विशेषज्ञों का कहना है कि तेल कंपनियां जिस अंडर रिकवरी या घाटे की बात करती है, उनमें एलपीजी और एयर टर्बाइन फ्यूल की लागत भी शामिल है। एलपीजी पर सरकार सब्सिडी भी देती है। विशेषज्ञ इस बात को लेकर भी सवाल उठा रहे हैं कि गत वित्त वर्ष 2025-26 की अंतिम तिमाही (जनवरी-मार्च) के मार्च महीने में कच्चे तेल के दाम में खासी बढ़ोतरी के बावजूद तेल कंपनियों ने बंपर मुनाफा कमाया।
खबरें और भी 2025-26 में तेल कंपनियों ने कमाए 77,280 करोड़ रुपए अंतिम तिमाही में देश की तीन तेल कंपनियां आईओसी, बीपीसीएल और एचपीसीएल ने संयुक्त रूप से पूर्व वित्त वर्ष 2024-25 की अंतिम तिमाही के मुकाबले 40 प्रतिशत से अधिक का मुनाफा कमाया। वहीं 2025-26 के पूरे वित्त वर्ष में इन तीन कंपनियों ने संयुक्त रूप से 77,280 करोड़ रुपए की कमाई की। गत 28 फरवरी को ईरान युद्ध शुरू होने के कारण इस साल मार्च महीने में तेल कंपनियों ने कच्चे तेल की खरीदारी औसतन 113 डॉलर प्रति बैरल की दर से की। गत फरवरी में कच्चे तेल की औसत कीमत 69 डॉलर प्रति बैरल थी तो जनवरी में कच्चे तेल की खरीद यह कीमत 63 डॉलर प्रति बैरल थी।
अप्रैल में कच्चे तेल की औसत खरीद कीमत 114 डॉलर हो गई। मई में यह 107 डॉलर प्रति बैरल बताई जा रही है। तेल कंपनियां अंडर रिकवरी की जानकारी सार्वजनिक नहीं गत सोमवार को कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमत 97 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गई। विशेषज्ञों के मुताबिक पेट्रोल-डीजल की लागत में 90 प्रतिशत हिस्सेदारी कच्चे तेल कीमत की होती है।
