नफरती बयानों पर कर्नाटक के विधेयक को केंद्र ने किया खारिज
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। कर्नाटक सरकार के घृणास्पद बयानों पर कार्रवाई के लिए तैयार विधेयक को केंद्रीय गृह मंत्रालय के गैरजरूरी करार दिया है। कहा है कि देश में नफरती बयानबाजी से निपटने के लिए मौजूदा कानूनी प्रविधान उचित हैं। गृह मंत्रालय ने इस विधेयक को केंद्र और राज्य के
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। कर्नाटक सरकार के घृणास्पद बयानों पर कार्रवाई के लिए तैयार विधेयक को केंद्रीय गृह मंत्रालय के गैरजरूरी करार दिया है। कहा है कि देश में नफरती बयानबाजी से निपटने के लिए मौजूदा कानूनी प्रविधान उचित हैं। गृह मंत्रालय ने इस विधेयक को केंद्र और राज्य के बीच भिन्न दृष्टिकोण के तौर पर लिया है।
कर्नाटक सरकार ने इस विधेयक को कर्नाटक घृणास्पद बयान और घृणास्पद अपराध (रोकथाम) विधेयक 2025 के शीर्षक से तैयार किया है। कर्नाटक सरकार ने इस विधेयक को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की स्वीकृति के लिए गृह मंत्रालय के पास भेजा था। राज्य सरकार ने यह कदम कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत के विधेयक को स्वीकृति देने से इनकार कर देने के बाद उठाया था।
प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने भाजपा और जनता दल (एस) के कड़े विरोध के बीच इस विधेयक को 19 दिसंबर, 2025 को बेलगावी में विधानमंडल के दोनों सदनों से पारित कराया था। गृह मंत्रालय ने कहा है कि कर्नाटक सरकार के विधेयक के परीक्षण में पाया गया है कि इसके प्रविधान पहले से ही भारतीय न्याय संहिता 2023 के कानूनों में समाहित हैं।
इसलिए अलग से कानून बनाकर उसे लागू किए जाने की आवश्यकता नहीं है। किसी भी राज्य द्वारा एक ही तरह के अपराध पर अलग से कानून बनाने से केवल अराजकता फैलेगी। खबरें और भी
