3000 KM का जनाजा... अली खामनेई के महा-मातम में है बड़ा मैसेज
अयातुल्ला अली खामनेई को मौत के चार महीने बाद आखिर कब्र नसीब होगी. उनकी पार्थिव देह को सबसे पहले राजधानी तेहरान में आखिरी दीदार के
अयातुल्ला अली खामनेई को मौत के चार महीने बाद आखिर कब्र नसीब होगी. उनकी पार्थिव देह को सबसे पहले राजधानी तेहरान में आखिरी दीदार के लिए रखा जाएगा. वहां से उनका जनाजा, ईरान के कौम होते हुए इराक के नजफ और फिर कर्बला पहुंचेगा. अंत में खामनेई के जन्मस्थान ईरान के पश्चिमी शहर मशाद में उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा.
