Explainer: कैसे जा सकते हैं अमरनाथ यात्रा पर, किन तैयारियों की जरूरत? यहां जानें मन में आ रहे हर सवाल का जवाब
कैसे पहुंच सकते हैं अमरनाथ गुफा? इस साल अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त तक चलेगी। हर वर्ष हजारों श्रद्धालु इस पवित्र
कैसे पहुंच सकते हैं अमरनाथ गुफा? इस साल अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त तक चलेगी। हर वर्ष हजारों श्रद्धालु इस पवित्र गुफा मंदिर के दर्शन के लिए जम्मू-कश्मीर पहुंचते हैं। अमरनाथ गुफा तक पहुंचने के लिए श्रद्धालु दो आधिकारिक मार्गों में से किसी एक का चयन कर सकते हैं। पहला पारंपरिक पहलगाम मार्ग है, जिसमें जम्मू, पहलगाम, चंदनवाड़ी, पिस्सू टॉप, शेषनाग और पंचतरणी होते हुए श्रद्धालु पवित्र अमरनाथ गुफा तक पहुंचते हैं।
यह अपेक्षाकृत लंबा मार्ग है और रास्ते में कई पड़ाव व सुविधाएं उपलब्ध रहती हैं। इसकी दूरी 32 किलोमीटर है। इस मार्ग का बेस कैंप नुनवान (पहलगाम के पास), अनंतनाग जिले में स्थित है। यह श्रीनगर से सड़क मार्ग के जरिए करीब 90 किलोमीटर दूर है। इस मार्ग का यात्रा एक्सेस कंट्रोल गेट नुनवान से करीब 12 किलोमीटर दूर चंदनवाड़ी में स्थित है।
दूसरा बालटाल मार्ग है, जिसमें जम्मू, बालटाल, दोमेल और बरारी से होकर श्रद्धालु पवित्र अमरनाथ गुफा तक पहुंचते हैं। यह दूरी के लिहाज से छोटा है, लेकिन इसकी चढ़ाई अधिक खड़ी होने के कारण इसे अपेक्षाकृत चुनौतीपूर्ण माना जाता है। इसकी दूरी 14 किलोमीटर है। इस मार्ग का बेस कैंप बालटाल (सोनमर्ग के पास), गांदरबल जिले में स्थित है।
यह श्रीनगर से सड़क मार्ग के जरिए करीब 95 किलोमीटर दूर है। इस मार्ग का यात्रा एक्सेस कंट्रोल गेट बालटाल से करीब 2.5 किलोमीटर दूर दोमेल में स्थित है।
