जम्मू-कश्मीर में बादल फटा, अरुणाचल में बाढ़:mp-बिहार में बिजली गिरने से 8 की मौत; जुलाई में सामान्य से कम बारिश का अनुमान
जम्मू-कश्मीर को डोडा में बुधवार सुबह 2 बार बादल फटा। भलेसा के कलालगीसर इलाके में बादल फटने से बाढ़ आ गई। ढेर सारा मलबा पहाड़ी
जम्मू-कश्मीर को डोडा में बुधवार सुबह 2 बार बादल फटा। भलेसा के कलालगीसर इलाके में बादल फटने से बाढ़ आ गई। ढेर सारा मलबा पहाड़ी से बहकर सड़क पर आ गया। इससे रास्ते ब्लॉक हो गए। वहीं, अरुणाचल प्रदेश में बाढ़ और लैंडस्लाइड का कहर है। अब तक 4 लोगों की मौत हो चुकी है। अंजॉ जिले के सारती गांव में लैंडस्लाइड में एक व्यक्ति की मौत हुई। इधर, मध्य प्रदेश के हरदा-खरगोन में बिजली गिरने से 3 लोगों की मौत हो गई, जबकि बैतूल में एक ही परिवार के चार लोग झुलस गए। वहीं, चंपा नदी के उफान में बाइक समेत दो युवक बह गए। बिहार में भी बिजली गिरने से 5 लोगों की मौत हो गई। यूपी के सोनभद्र में मंगलवार शाम 4 बजे पिकनिक मनाने गए 3 लोग बरसाती नाले के तेज बहाव में बह गए। एक ही मौत हुई। उत्तराखंड में बारिश से देहरादून में रिस्पना नदी उफान पर है। गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए ऋषिकेश में मंगलवार शाम से राफ्टिंग पर 31 अगस्त तक रोक लगा दी गई है।
नवी मुंबई में लगातार हो रही बारिश के बीच बुधवार को सड़क पर भरे पानी में करंट फैल गया। इस दौरान नेरुल के एलपी ब्रिज के नीचे से गुजर रहीं टू-व्हीलर सवार दो छात्राएं करंट लगने से गिर गईं। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। दिल्ली-राजस्थान को छोड़ पूरे देश में मानसून पहुंचा मानसून ने बुधवार को पंजाब और हरियाणा में एंट्री कर ली। अब दिल्ली और राजस्थान को छोड़ पूरे देश में मानसून पहुंच गया है। मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि जुलाई में देश के ज्यादातर हिस्सों में सामान्य से कम बारिश हो सकती है। देश में जून में 39.8% कम बारिश देश में इस साल जून महीने में 1901 के बाद पांचवीं सबसे कम बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग के अनुसार, जून में सामान्य 165.3mm के मुकाबले केवल 99.5mm बारिश हुई, जो 39.8% कम है। IMD ने बताया कि अगले दो से तीन दिनों में दक्षिण-पश्चिम मानसून दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और पूरे जम्मू-कश्मीर में पहुंच सकता है।
अल नीनो के असर के कारण इस साल मानसून प्रभावित हुआ है। देशभर से बारिश की 3 तस्वीरें… भारत में 9 करोड़ बच्चे हीटवेव की चपेट में यूनिसेफ की 'चिल्ड्रन्स क्लाइमेट रिस्क रिपोर्ट 2026' के अनुसार, भारत में करीब 8.93 करोड़ बच्चे ऐसे इलाकों में रहते हैं, जहां हीटवेव का खतरा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि देश के लगभग 99.7 प्रतिशत बच्चे किसी न किसी जलवायु संबंधी खतरे का सामना कर रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, 96.2 प्रतिशत भारतीय बच्चे सूखे के खतरे वाले क्षेत्रों में रहते हैं, जबकि 92 प्रतिशत बच्चे तेज गर्मी से प्रभावित हैं, जहां तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच जाता है। रिपोर्ट ने बच्चों पर बढ़ते जलवायु संकट को गंभीर चिंता का विषय बताया है। अगले 2 दिन के मौसम का हाल 2 जुलाई: 3 जुलाई: राज्यों के मौसम का हाल… मध्य प्रदेश के 7 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, बालाघाट-डिंडौरी में में भी बारिश की चेतावनी मध्य प्रदेश में बुधवार को देवास, हरदा, बैतूल, पांढुर्णा और छिंदवाड़ा में भारी बारिश का अनुमान है।