जगन हत्याकांड को सुसाइड रूप देने की कोशिश:बैरक में पंखे से लटका मिला गमछा; रिकॉर्डिंग से बचने के लिए CCTV पर टूथपेस्ट लगाया
अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में डकैत जगन गुर्जर की जिस गमछे से गला घोंटकर हत्या की गई, वह पंखे पर लटका मिला। इससे आशंका
अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में डकैत जगन गुर्जर की जिस गमछे से गला घोंटकर हत्या की गई, वह पंखे पर लटका मिला। इससे आशंका जताई जा रही है कि हत्या के बाद आरोपी विष्णु जाट ने उसे सुसाइड का रूप देने का प्रयास किया था, लेकिन जगन के भारी भरकम शरीर के कारण वह ऐसा नहीं कर सका। जेल प्रशासन के मुताबिक, पंखा 13 फीट ऊपर है और ऐसे में किसी को लटकाना तो दूर की बात, कोई खुद भी नहीं लटक सकता। गमछे के पंखे पर मिलने के कारण इस संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता कि विष्णु ने ऐसा सोचा हो। दोनों के बीच कोई विवाद नहीं था और न ही कोई पहले से प्लानिंग थी, लेकिन आपत्तिजनक टिप्पणी से खफा होकर विष्णु ने आवेश में यह कदम उठाया।
कैमरे पर लगाया था टूथपेस्ट जेल में कुल 315 सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं। इसमें से 280 कैमरे पूरी तरह से चल रहे हैं। इसमें जेल की सभी गतिविधियों को देखा जा सकता है। अन्य कैमरे तकनीकी खराबी या छेड़छाड़ करने से बंद हैं। जगन के ब्लॉक का कैमरा भी सही है। इसमें दोनों की गतिविधियों को देखा गया है, जबकि उसकी सेल में लगे कैमरे में टूथपेस्ट जैसा सफेद पदार्थ लगा है। हालांकि कैमरा चालू है। ब्लॉक के फुटेज से स्पष्ट है कि उसके (जगन गुर्जर) सेल में और कोई नहीं गया। तीन मिनट में थमी जगन की सांसें डकैत जगन गुर्जर की मौत गले और गर्दन पर गंभीर दबाव पड़ने से हुई। छह सदस्यीय मेडिकल बोर्ड की ओर से किए गए पोस्टमॉर्टम की प्रारंभिक रिपोर्ट में सामने आया कि ज्यादा दबाव से उसकी गर्दन की हड्डी (हायोड बोन) टूट गई, जिससे उसकी मौत हो गई।
पोस्टमॉर्टम में गर्दन के बीच वाले हिस्से में अंदरूनी रक्तस्राव (हेमरेज) मिला। सांस नली (ट्रेकिया) और भोजन नली (इसोफेगस) के आसपास भी गंभीर चोट के संकेत मिले हैं। गर्दन की महत्वपूर्ण हड्डी और आसपास के ऊतकों को भी नुकसान पहुंचा था। प्रारंभिक मेडिकल निष्कर्षों के अनुसार घटना के बाद 3 मिनट में जगन की सांसें थम गईं। हालांकि मेडिकल विशेषज्ञों का कहना है कि किसी व्यक्ति की मौत कितनी देर में होगी, यह चोट की प्रकृति, दबाव की तीव्रता और उसकी शारीरिक स्थिति पर निर्भर करता है। अंतिम राय एफएसएल और हिस्टोपैथोलॉजी की रिपोर्ट मिलने के बाद दी जाएगी। जगन के नाखूनों के नमूने सुरक्षित कर एफएसएल को भेजे गए हैं। अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में हुई थी हत्या 29 जून को अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में डकैत जगन गुर्जर की हत्या कर दी गई थी।
वह धौलपुर के डांग के भवुतीपुरा का रहने वाला था। आरोप है कि भरतपुर के कुलदीप जघीना हत्याकांड के आरोपी विष्णु ने जगन गुर्जर की टॉवल (तौलिए) से गला दबाकर हत्या की थी। हार्डकोर बंदी विष्णु और जगन गुर्जर एक ही बैरक में बंद थे। हत्या के बाद विष्णु ने खुद बाहर आकर कबूल कर लिया। जगन के भाई पप्पू गुर्जर को मंगलवार देर रात करीब एक बजे पुलिस सुरक्षा के बीच अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल से धौलपुर रवाना कर दिया गया। पप्पू अपने भाई जगन के अंतिम संस्कार में शामिल होगा।