कहीं फिर तबाही न आ जाए...धराली-हर्षिल में पूरी रात जागकर नदी को ताक रहे लोग
बीते साल वर्ष अगस्त में उत्तराखंड के धराली-हर्षिल क्षेत्र में आई विनाशकारी आपदा की भयावह यादें अभी ताजा हैं. उस आपदा में खीर गंगा से
बीते साल वर्ष अगस्त में उत्तराखंड के धराली-हर्षिल क्षेत्र में आई विनाशकारी आपदा की भयावह यादें अभी ताजा हैं. उस आपदा में खीर गंगा से न केवल धराली बाजार और आसपास के क्षेत्र में भारी तबाही मची थी, बल्कि हर्षिल स्थित सेना का कैंप भी मलबे और बाढ़ की चपेट में आ गया था. कई सैनिक लापता हुए थे और बाद में कुछ जवानों के शव भी बरामद हुए. इसके बावजूद अब तक स्थायी सुरक्षात्मक कार्य नहीं होने से एक बार फिर पूरे हर्षिल क्षेत्र पर बड़ा संकट मंडरा रहा है.
