चलती ट्रेन में BSF के हेड-कॉन्स्टेबल को जहर दिया:काठगोदाम रेलवे स्टेशन में मिला शव; छुट्टी पर जैसलमेर से लौट रहे थे घर
उत्तराखंड के एक जवान को चलती ट्रेन में जहर दे दिया गया, जिससे उनकी मौत हो गई। मृतक की पहचान BSF के हेड कॉन्स्टेबल सत्यपाल
उत्तराखंड के एक जवान को चलती ट्रेन में जहर दे दिया गया, जिससे उनकी मौत हो गई। मृतक की पहचान BSF के हेड कॉन्स्टेबल सत्यपाल सिंह के रूप में हुई है। वह हरिद्वार के रुड़की के रहने वाले थे और जैसलमेर में तैनात थे। 29 जून की सुबह ट्रेन के काठगोदाम रेलवे स्टेशन पहुंचने पर जनरल डिब्बे में एक व्यक्ति बेहोश पड़ा मिला। जीआरपी ने उन्हें सुशीला तिवारी अस्पताल भेजा, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पहले पुलिस ने शव को अज्ञात समझकर कार्रवाई में ढिलाई बरती, लेकिन मंगलवार को मृतक की जेब में रखे आधार कार्ड से उनकी पहचान होने के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई तेज कर दी। पुलिस के मुताबिक, सत्यपाल सिंह इन दिनों जैसलमेर में 20वीं बटालियन में तैनात थे। मेडिकल चौकी प्रभारी मनमोहन सिंह ने बताया कि सत्यपाल रविवार सुबह रुड़की आ रहे थे। जोधपुर पहुंचने पर उन्होंने बेटे को फोन कर बताया था कि वह ट्रेन से निकल रहे हैं।
आशंका जताई जा रही है कि सफर के दौरान अज्ञात जहरखुरानों ने उन्हें नशीला पदार्थ देकर बेहोश कर दिया। इसके बाद उनका सामान, मोबाइल, पर्स और दस्तावेज चोरी कर लिए गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए आज यानी बुधवार को GRP थाना काठगोदाम ने हत्या का केस दर्ज कर लिया है। सिलसिलेवार ढंग से पढ़िए पूरी खबर… 1. घर के लिए निकले थे जवान- मृतक जवान की पहचान सत्यपाल सिंह (53) के रूप में हुई है। वह मूल रूप से राज विहार कॉलोनी, मिलापनगर, सिविल लाइंस, रुड़की (जिला हरिद्वार, उत्तराखंड) के रहने वाले थे और वर्तमान में जैसलमेर (राजस्थान) में BSF के हेड कॉन्स्टेबल के पद पर तैनात थे। वह छुट्टी लेकर अपने घर लौटने के लिए 27 जून को रानीखेत एक्सप्रेस में सवार हुए थे। 2. रास्ते में रास्ता चूके या हुए हादसे का शिकार- शेड्यूल के मुताबिक, सत्यपाल सिंह को दिल्ली में उतरकर वहां से हरिद्वार-रुड़की के लिए दूसरी ट्रेन पकड़नी थी। लेकिन वह दिल्ली में नहीं उतर पाए और ट्रेन में ही आगे बढ़ गए।
जोधपुर से काठगोदाम के बीच की दूरी 960 किलोमीटर से भी अधिक है। हैरानी की बात यह रही कि पूरे सफर के दौरान जनरल बोगी में किसी भी सहयात्री या रेल कर्मी की नजर उनकी इस हालत पर नहीं पड़ी। 3. काठगोदाम स्टेशन पर मची खलबली- 29 जून की सुबह जब रानीखेत एक्सप्रेस अपने आखिरी स्टेशन काठगोदाम पहुंची, तो ट्रेन के जनरल डिब्बे की चेकिंग के दौरान एक व्यक्ति बेसुध हालत में मिला। स्टेशन पर हड़कंप मच गया और आनन-फानन में सरकारी रेलवे पुलिस (GRP) ने उन्हें हल्द्वानी के डॉ. सुशीला तिवारी राजकीय चिकित्सालय में भर्ती कराया। इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। 4. जेब में रखे दस्तावेज से हुई पहचान- शुरुआत में पुलिस ने शव को अज्ञात मानकर कार्रवाई में थोड़ी ढिलाई बरती थी। लेकिन मंगलवार को जब मृतक के सामान और जेब की तलाशी ली गई, तो उसमें रखे आधार कार्ड और अन्य दस्तावेजों से उनकी पहचान BSF जवान सत्यपाल सिंह के रूप में हुई।
पहचान स्पष्ट होते ही पुलिस ने तुरंत कार्रवाई तेज की और जैसलमेर स्थित BSF हेडक्वार्टर को घटना की आधिकारिक सूचना दी। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। 5. लगातार सामने आ रहे जहरखुरानी के मामले- काठगोदाम और हल्द्वानी के बस अड्डों व रेलवे स्टेशनों पर पिछले कुछ समय में जहरखुरानी (यात्रियों को नशीला पदार्थ खिलाकर लूटना) के मामले तेजी से बढ़े हैं। इस घटना से पहले भी कुछ बड़े मामले सामने आ चुके हैं- मामलों को देखते हुए एसपी सिटी मनोज कत्याल ने बताया कि रेलवे स्टेशन और बस अड्डों के आसपास पुलिस की गश्त लगातार बढ़ा दी गई है और संदिग्धों पर नजर रखी जा रही है। GRP थाना काठगोदाम के प्रभारी कमल कोरंगा ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए BNS की धारा 103 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।