केंद्र सरकार की पहल: देश में चिप निर्माण को मिलेगी रफ्तार, सेमीकंडक्टर मिशन-2 को 1.25 लाख करोड़ की मंजूरी
केंद्र सरकार ने बजट 2026-27 में भारत सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 की घोषणा की थी। इसका मकसद देश में चिप निर्माण का पूरा तंत्र विकसित करना
केंद्र सरकार ने बजट 2026-27 में भारत सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 की घोषणा की थी। इसका मकसद देश में चिप निर्माण का पूरा तंत्र विकसित करना है। इसके तहत सेमीकंडक्टर उपकरण, कच्चा माल, स्वदेशी तकनीक, बौद्धिक संपदा, चिप डिजाइन और मजबूत आपूर्ति शृंखला विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव पहले ही कह चुके हैं कि मिशन 2.0 में स्वदेशी चिप डिजाइन, चिप आधारित उत्पादों के विकास, साझेदारों को जोड़ने व कुशल मानव संसाधन तैयार करने को प्राथमिकता दी जाएगी।भारत अब मजबूत भागीदार बनकर उभर रहा: अधिकारियों ने बताया कि मंजूर 12 परियोजनाओं में से दो का उद्घाटन हो चुका है, जबकि सीजी सेमी का उद्घाटन चार जुलाई को होना है।
वर्ष के अंत तक एक-दो और इकाइयां शुरू हो जाएंगी। भारत अब प्रौद्योगिकी क्षेत्र में मजबूत भागीदार बनकर उभर रहा है।सरकार के अनुसार, भारत सेमीकंडक्टर मिशन के तहत अब
तक 1.64 लाख करोड़ रुपये के निवेश वाली 12 सेमीकंडक्टर निर्माण परियोजनाओं को मंजूरी दी जा चुकी है।इनमें एक सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन इकाई, दो कंपाउंड सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन इकाइयां और नौ
चिप पैकेजिंग इकाइयां शामिल हैं।वहीं, डिजाइन लिंक्ड इंसेंटिव (डीएलआई) योजना के तहत 24 परियोजनाओं को मदद दी जा रही है। 105 कंपनियों को उन्नत चिप डिजाइन उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं।
