जुलाई का सियासी कैलेंडर: क्या होने जा रहा है इन ‘एक्टिव’ 31 दिनों में
जून के साथ साल की दूसरी तिमाही खत्म हो गई. वो तिमाही जिसने ईरान युद्ध की विभीषिका देखी और मानसून विलंब के खतरे को भी
जून के साथ साल की दूसरी तिमाही खत्म हो गई. वो तिमाही जिसने ईरान युद्ध की विभीषिका देखी और मानसून विलंब के खतरे को भी. इसके समानांतर कई सियासी घटनाएं ऐसी हुईं, जिन्होंने सत्ता और विपक्ष को झकझोरकर रख दिया.
राम मंदिर के चढ़ावा की चोरी का मुद्दा सबसे गर्म है. ऐसे में जुलाई से शुरू हो रहा नया महीना सिर्फ तारीखें लेकर नहीं आ रहा है. वह कई अहम सेक्टरों में बदलाव की करवट लेकर आ रहा है.
मानसून सत्र के हंगामे से लेकर मोदी सरकार के मंत्रिमंडल में फेरबदल भी इसी महीने में दिखाई देंगे. इसके अलावा कई सरकारी फैसलों का असर
आपकी जेब और रोजमर्रा के फैसलों पर दिखेगा.
