अमेरिका-ईरान युद्ध के कारण दुबई, मस्कट नहीं जा पाए बकरे:विदेश में 4 लाख का भाव मिलता था, अजमेर में 1.5 लाख में बिक रहे
अमेरिका-ईरान युद्ध के कारण दुबई, मस्कट नहीं जा पाए बकरे अजमेर की मंडी में रोज करीब 10 हजार बकरों की खरीद-बिक्री होती है। बकरा ईद से से 24 घंटे यह मंडी लगी रहती है। अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के कारण अंतरराष्ट्रीय उड़ानों और समुद्री जहाजों की
अमेरिका-ईरान युद्ध के कारण दुबई, मस्कट नहीं जा पाए बकरे अजमेर की मंडी में रोज करीब 10 हजार बकरों की खरीद-बिक्री होती है। बकरा ईद से से 24 घंटे यह मंडी लगी रहती है। अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के कारण अंतरराष्ट्रीय उड़ानों और समुद्री जहाजों की सप्लाई चेन पूरी तरह ठप हो गई है। इसका सीधा और बड़ा असर अजमेर की प्रसिद्ध बकरा मंडी पर पड़ा है। इस तनाव की वजह से अजमेर से खाड़ी देशों को होने वाला बकरों का एक्सपोर. नतीजतन, जो बकरे दुबई, ईरान और मस्कट जैसे देश के बाजारों में 4 लाख रुपए तक की भारी-भरकम कीमत पर बिकते थे, उनकी कीमत अब गिरकर महज डेढ़ लाख रुपए तक ही रह गई है। विदेशी खरीदार न मिलने से स्थानीय व्यापारियों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। अजमेर मंडी के कारोबारियों के मुताबिक, बकरीद के सीजन के दौरान यहां महज 15 दिनों के भीतर 50 करोड़ रुपए से ज्यादा का टर्नओवर होता था। इस बार युद्ध के हालातों के कारण 2 करोड़ रुपए से ज्यादा का सीधा नुकसान हो चुका है। बकरा ईद आने वाली है। इसे देखते हुए अजमेर के ब्यावर रोड पर बकरा मंडी सज गई है। यहां 2 लाख तक के बकरे उपलब्ध हैं। अजमेर की बकरा मंडी में बॉलीवुड सितारों के नाम वाले बकरों की डिमांड खूब है। कोई ‘सलमान’ है तो कोई ‘शाहरूख’। ‘सुल्तान’, ‘युवराज’, ‘फारूक’ भी किसी से कम नहीं। 18 इंच लंबे कानों वाली ‘परी’ भी खास है। इनकी ठाट-बाट ऐसी कि आम आदमी हैरान रह जाए। ये हरा चारा कम और काजू, बादाम ज्यादा खाते हैं।
इनकी डाइट में दूध और शुद्ध देसी घी भी शामिल है। AC-कूलर में रहते हैं। हर महीने इनपर करीब 10 हजार रुपए का खर्चा है। अच्छी डाइट और देखभाल के कारण ये अलग दिखते हैं। इसी वजह से दुबई के शेख इन बकरों को काफी पसंद करते हैं। अजमेर के ब्यावर रोड पर बकरा मंडी सज गई है। पिछले साल तक इस मंडी से बकरे दुबई, ईरान, मस्कट जैसे खाड़ी देशों तक भेजे जाते थे। 1992 से सज रही है मंडी; 10 से ज्यादा नस्लें मौजूद बकरा मंडी कमेटी के सीनियर मेंबर पप्पू कुरैशी बताते हैं- 1992 से पहले यह मंडी अजमेर के तंग इलाके दिल्ली गेट में लगा करती थी। इसके बाद ब्यावर रोड पर 10 बीघा जमीन पर शिफ्ट किया गया। सामान्य दिनों में यह मंडी सिर्फ मंगलवार और शनिवार को लगती है। ईद से यह 24 घंटे चलती है। यहां विलायती, सोजती, सिरोही, गुजरी, नागोरी, मारवाड़ी, जाफरी, जमनापारी और बरबरी जैसी टॉप नस्लें मिलती हैं। अजमेर के ब्यावर रोड पर करीब 10 बीघा में फैली इस विशाल मंडी में बकरा ईद से पहले देश और प्रदेशभर से पशुपालक अपने सबसे नायाब बकरों को लेकर पहुंचे हैं। मंडी में इस समय 10 से ज्यादा प्रीमियम नस्लों के बकरे मौजूद हैं। 10 हजार से ज्यादा बकरों की खरीद-बिक्री मंडी में रोजाना 10 हजार से ज्यादा बकरों की खरीद-फरोख्त हो रही है। आम दिनों में 15 हजार से शुरू होने वाले बकरों की रेंज यहां डेढ़ से दो लाख तक जा रही है। वैसे तो ईद के इस 15 दिनी सीजन में यहां 50 करोड़ रुपए से ज्यादा का टर्नओवर रहता है, लेकिन विदेशी एक्सपोर्ट रुकने का असर है।
इस बार करीब 2 करोड़ रुपए के कारोबार का सीधा नुकसान हो रहा है। अजमेर की बकरा मंडी ब्यावर रोड पर 10 बीघा में लगती है। 4 लाख के बकरे डेढ़ लाख में बिक रहे अजमेर के बकरा मंडी कमेटी के सीनियर मेंबर पप्पू कुरैशी के मुताबिक, दुबई के शेख खासतौर पर एयर कार्गो के जरिए अजमेर से बकरे मंगवाते थे। विदेशी खरीदार बकरे की डाइट, उसकी हाइट, ब्रीड (खासकर सिरोही और अजमेरा) और शरीर के फैट को देखकर डील फाइनल करते थे। युद्ध के कारण इस बार खाड़ी देशों के लिए कोई फ्लाइट या जहाज बुक नहीं हो पा रहा है। यही वजह है कि 4 लाख के बकरे अब कौड़ियों के दाम (डेढ़ लाख रुपए) में स्थानीय बाजार में बेचने पड़ रहे हैं। अजमेर की मंडी से बकरे फ्लाइट के जरिए विदेशों तक भेजे जाते थे। इस बार अमेरिका-ईरान युद्ध के कारण बकरे एक्सपोर्ट नहीं हुए हैं। (फाइल फोटो) मंडी के 'सुपरस्टार', AC में बीतता है वक्त पशुपालकों ने अपने बकरों के नाम बॉलीवुड स्टार्स पर रखे हैं। मंडी में शाहरुख, सलमान, सुल्तान, युवराज और फारूक नाम के बकरे आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। इन्हें पालने वाले किसानों ने बताया कि इन वीआईपी बकरों का महीने का खर्च ही 5 से 10 हजार रुपए आता है। इन्हें हरी घास के अलावा काजू, बादाम, जौ, लौंग का पत्ता, शुद्ध देसी घी और दूध पिलाया जाता है। 43 इंच की हाइट वाला 'सलमान', कीमत 2 लाख नागौर के परबतसर से आए शिव प्रकाश अपने साथ सिरोही नस्ल का बकरा 'सलमान' लेकर आए हैं। करीब 43 इंच की हाइट वाले इस बकरे की खुराक (डाइट) में रोजाना ड्राई फ्रूट्स और घी शामिल है।
इसकी कीमत 2 लाख रुपए रखी गई है। अजमेर की मंडी में बिकने के लिए आया सिरोही नस्ल का बकरा सलमान। इसकी हाइट करीब 43 इंच है। 18 इंच लंबे कानों वाली 'परी', कीमत 80 हजार ब्यावर के रिटायर्ड फौजी रोशन अली मंडी में हैदराबादी नस्ल की 1 साल की बकरी लेकर आए हैं। इसका नाम 'परी' है। सफेद आंखों वाली इस बकरी के कान 18 इंच लंबे हैं। इसकी कीमत 80 हजार रुपए लगाई गई है। इस बार अजमेर की बकरा मंडी में 18 इंच के कान वाली हैदराबादी बकरी भी आई है। लग्जरी लाइफ जीने वाला 'सुल्तान', कीमत 1.5 लाख पशुपालक हरीश का 38 इंच हाइट वाला बकरा 'सुल्तान' भी मंडी में चर्चा का विषय है। गर्मियों में इसे एसी और कूलर के सामने रखा जाता है। सुल्तान को देखने के लिए मंडी में खरीदारों की भीड़ लग रही है। इसकी कीमत करीब डेढ़ लाख रुपए रखी गई है। अजमेर की मंडी में करीब 38 इंच की हाइट वाले सुल्तान को देखने काफी लोग आ रहे हैं। गर्मियों में इसे AC-कूलर वाले कमरे में रखा जाता है। पश्चिम बंगाल के व्यापारियों ने संभाला मोर्चा अजमेर के बकरा मंडी अध्यक्ष अंबालाल दायमा बताते हैं- अंतरराष्ट्रीय बाजार बंद होने से तगड़ा झटका लगा है। इस बीच एक अच्छी खबर यह रही कि पहली बार पश्चिम बंगाल (कोलकाता) से बकरों की भारी डिमांड आई है। बंगाल के बड़े व्यापारी इस बार अजमेर मंडी में डेरा डाले हुए हैं, जिससे पशुपालकों को कुछ राहत मिली है।