Explainer: बड़े शहरों में रोजगार की तस्वीर कैसे बदल रही है? महिलाओं की बढ़ती भागीदारी का पूरा रिपोर्ट कार्ड
महिलाओं की भागीदारी में कैसे बदलाव आया? रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले कुछ वर्षों में बड़ी संख्या में महिलाएं रोजगार बाजार से जुड़ी हैं। इससे यह
महिलाओं की भागीदारी में कैसे बदलाव आया? रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले कुछ वर्षों में बड़ी संख्या में महिलाएं रोजगार बाजार से जुड़ी हैं। इससे यह संकेत मिलता है कि बड़े शहरों में महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़े हैं और उनकी भागीदारी लगातार मजबूत हुई है। 15 वर्ष और उससे अधिक आयु की महिलाओं का लेबर फोर्स पार्टिसिपेशन रेट (एलएफपीआर) 2017-18 में जहां 19.8% था, वह 2025 में बढ़कर 27.2% हो गया।
यानी महिलाओं की श्रम भागीदारी में 7.4 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी हुई। एलएफपीआर बताता है कि काम करने की उम्र (आमतौर पर 15 वर्ष या उससे अधिक) के कुल लोगों में से कितने लोग या तो काम कर रहे हैं या काम की तलाश कर रहे हैं। इसी तरह महिलाओं का वर्कर पॉपुलेशन रेशियो (डब्ल्यूपीआर) 2017-18 में जहां 17.9% था, वह 2025 में बढ़कर 25.5% पहुंच गया।
डब्ल्यूपीआर बताता है कि काम करने की उम्र (15 वर्ष या उससे अधिक) के कुल लोगों में से कितने लोग सही में काम कर रहे हैं। पुरुषों की भागीदारी क्या तस्वीर पेश करती है? रिपोर्ट के मुताबिक श्रम बाजार में पुरुषों की भागीदारी पहले जितनी ही बनी हुई है, इसमें कुछ खास बदलाव देखने को नहीं मिला है। 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के पुरुषों की एलएफपीआर 2017-18 में जहां 74.2% था, यह 2025 में मामूली रूप से बढ़कर 75.9% पर पहुंच गया।
इसी तरह पुरुषों का डब्ल्यूपीआर 2017-18 में जहां 68.6% था, वह 2025 में मामलू रूप से बढ़कर 72.6% पर पहुंच गया।
