MHA: FCRA 2.0 पोर्टल व E-oci कार्ड का शुभारंभ, 50 लाख कार्डधारकों को सुविधा, विदेशी अंशदान पर बढ़ेगी निगरानी
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को नई दिल्ली में एफसीआरए 2.0 पोर्टल एवं ई-ओसीआई कार्ड का शुभारंभ किया। इस पहल से 50 लाख
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को नई दिल्ली में एफसीआरए 2.0 पोर्टल एवं ई-ओसीआई कार्ड का शुभारंभ किया। इस पहल से 50 लाख से ज्यादा ई-ओसीआई कार्डधारकों को सुविधा होगी। एफसीआरए के कानून के कारण गलत उद्देश्यों से आने वाले विदेशी अंशदान पर निगरानी बढ़ेगी। गृह मंत्री ने कहा, एफसीआरए पोर्टल का नवीनीकरण, संगठनों के लिए सरलता को बहुत बढ़ा देगा। विगत वर्षों में आवेदनों की संख्या और दान के प्रवाह में काफी वृद्धि हुई है, जिसे देखते हुए कागजी कार्यवाही में कमी लाना और विदेशी अंशदान पर रियल टाइम प्रभावी निगरानी, देश की सुरक्षा के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा, दोनों नई शुरुआत नागरिकों की सहूलियत बढ़ाने में बहुत लाभकारी सिद्ध होंगी। इनके चलते एक तरफ नागरिकों की सुविधाएं बढ़ेंगी तो वहीं एफसीआरए पोर्टल से दान प्राप्त करने वालों की दिक्कतों का निवारण होगा। शाह ने कहा, जब नीयत साफ हो, नीति स्पष्ट हो और तकनीक को स्वीकारने की मानसिकता तो सभी प्रकार का शासन ईमानदार लोगों के लिए बहुत सरल हो जाता है। गलत करने वालों पर पैनी निगरानी की व्यवस्था होती है और देश को अधिक से अधिक सुरक्षित बनाया जा सकता है।अमित शाह ने कहा, 2014 में एफसीआरए की व्यवस्था फाइलों और प्रक्रियाओं में उलझी हुई और निगरानी से परे थी।
मोदी सरकार बनने के बाद इसे मजबूत किया गया। मौजूदा समय में एफसीआरए पोर्टल का नवीनीकरण, संगठनों के लिए सरलता को काफी हद तक बढ़ा देगा। इस प्रणाली के माध्यम से भौतिक रूप से दस्तावेज जमा करने की प्रक्रिया समाप्त हो जाएगी। ई-साइन आधारित प्रमाणीकरण, ओसीआर और एनजीओ दर्पण बैंक विवरण प्रणाली जैसी सुविधाएं सुनिश्चित होंगी। यह सारा डेटा 'मेघराज' (सरकारी क्लाउड) पर होस्ट होने से डेटा चोरी की संभावनाएं बहुत कम हो जाती हैं।अगले कुछ माह में एफसीआरए मोबाइल एप्लीकेशन, एआई संचालित चैटबॉट और बैंकों के लिए एक समर्पित ऑनलाइन डैशबोर्ड भी शुरू होगा। 20 वर्ष के बाद नया पासपोर्ट जारी होने पर ओसीआई बुकलेट को दोबारा जारी करने की आवश्यकता नहीं होगी। कार्डधारकों की पंजीकरण संख्या भी यूनिक हो जाएगी। इसी प्रकार, डिजिटल ओसीआई कार्ड होने के बाद दस्तावेज खोने या क्षतिग्रस्त होने की समस्या भी समाप्त होगी। कार्डधारक स्वयं रियल टाइम सत्यापन कर पाएंगे।एफसीआरए 2.0 पोर्टल को विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम के अंतर्गत अनुपालन को सरल बनाने तथा निगरानी एवं प्रवर्तन की व्यवस्था को मज़बूत करने के लिए विकसित किया गया है। आवेदन, नवीनीकरण, वार्षिक विवरणी और अन्य सेवाओं से जुड़ी सभी प्रमुख प्रक्रियाएँ अब पूर्णतः डिजिटल (एंड-टू-एंड) कर दी गई हैं।
वर्तमान में देश भर में लगभग 14,500 सक्रिय एफसीआरए संगठन कार्यरत हैं, और प्रतिवर्ष लगभग 15,000 से 20,000 आवेदन तथा करीब 17,000 वार्षिक विवरणियाँ प्राप्त होती हैं।शाह ने कहा, इतनी बड़ी संख्या के कारण एक आधुनिक, तकनीक-सक्षम और सुरक्षित व्यवस्था की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी। नेशनल गवर्नमेंट क्लाउड (मेघराज) पर होस्ट किए गए इस पोर्टल में प्रक्रिया पुनर्संरचना, एकीकृत डैशबोर्ड, आधार-आधारित प्रमाणीकरण, ई-साइन सुविधा और ओसीआर-आधारित दस्तावेज़ विश्लेषण जैसी सुविधाएँ शामिल हैं। नए एफसीआरए संशोधन नियम, 2026 के प्रमुख प्रावधानों को भी इसमें समाहित किया गया है, और यह पोर्टल पैन, आधार, ओसीआई, एनजीओ दर्पण तथा आईसीएआई की यूडीआईएन प्रणाली समेत प्रमुख सरकारी डेटाबेस तथा बैंक से एकीकृत है।संगठनों के लिए यह पोर्टल कागज़ी कार्यवाही को कम करता है, समय बचाता है और एक सरल व अधिक सुविधाजनक अनुभव देता है, जिसमें आवेदनों की तेज़ प्रोसेसिंग और एक एकीकृत, लॉगिन-आधारित डैशबोर्ड शामिल है। सरकार के लिए, प्रमुख डेटाबेस के साथ एपीआई-आधारित एकीकरण से सत्यापन तेज़ और अधिक सटीक होता है, अनुपालन निगरानी बेहतर होती है, तथा विदेशी अंशदान की प्राप्ति और उपयोग पर प्रभावी निगरानी सुनिश्चित होती है।
