Flood: अरुणाचल में बाढ़ की स्थिति पर मुख्यमंत्री और राज्यपाल ने की बैठक, राहत एवं बचाव कार्य तेज करने पर जोर
राज्यपाल ने बाढ़ से जनजीवन, आजीविका और बुनियादी ढांचे पर पड़े प्रभाव पर चिंता जताते हुए कहा कि प्राकृतिक आपदा जैसी चुनौती से निपटने के
राज्यपाल ने बाढ़ से जनजीवन, आजीविका और बुनियादी ढांचे पर पड़े प्रभाव पर चिंता जताते हुए कहा कि प्राकृतिक आपदा जैसी चुनौती से निपटने के लिए पूरे राज्य को एकजुट होकर काम करने की जरूरत है। उन्होंने सभी सरकारी विभागों, जिला प्रशासन, सामुदायिक संगठनों और नागरिकों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया, ताकि राहत एवं बचाव कार्य अधिक प्रभावी ढंग से संचालित किए जा सकें।
राज्यपाल ने राहत, बचाव और पुनर्वास कार्यों में जुटे राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल, जिला प्रशासन, लोक निर्माण विभाग, नागरिक उड्डयन विभाग, आपदा प्रबंधन विभाग, भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी, स्वयंसेवकों और स्थानीय लोगों के प्रयासों की सराहना की।बैठक के दौरान राज्यपाल ने हाल में राजभवन में हुई विभिन्न समीक्षा बैठकों का भी उल्लेख किया। उन्होंने राज्य के वित्तीय लेखा परीक्षण, महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा, ईटानगर नगर निगम द्वारा चलाए जा रहे स्वच्छता अभियानों तथा नॉर्थ ईस्टर्न रीजनल इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी में हाल में हुई अव्यवस्था की घटना पर भी चिंता व्यक्त की।
मुख्यमंत्री ने राज्यपाल को विभिन्न विभागों द्वारा संचालित विकास एवं जनकल्याण कार्यक्रमों की प्रगति से भी अवगत कराया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रशासनिक सुधार, आधारभूत ढांचे के विकास और जनसेवाओं को बेहतर बनानेके लिए लगातार कार्य
कर रही है।बैठक में इस बात पर सहमति जताई गई कि मानसून के दौरान बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं पुनर्वास कार्यों में तेजी लाने के साथ-साथ विभिन्न विकास परियोजनाओं को भी निर्धारित समय पर आगे बढ़ाया जाएगा।
