मणिपुर में एनएच-2 पर प्रदर्शन: सुरक्षा बलों ने छोड़े आंसू गैस के गोले, कुकी-जो समुदाय का मार्च रोका
मणिपुर के कांगपोकपी जिले में मंगलवार को राष्ट्रीय राजमार्ग-2 (एनएच-2) पर आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध आपूर्ति बहाल करने की मांग को लेकर कुकी-जो समुदाय के
मणिपुर के कांगपोकपी जिले में मंगलवार को राष्ट्रीय राजमार्ग-2 (एनएच-2) पर आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध आपूर्ति बहाल करने की मांग को लेकर कुकी-जो समुदाय के लोगों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी जब गमगीफाई स्थित बफर जोन की ओर मार्च करते हुए आगे बढ़ने लगे तो सुरक्षा बलों ने उन्हें रोक दिया। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच कुछ देर तक गतिरोध बना रहा और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए सुरक्षा बलों ने आंसू गैस के गोले और धुआं बम का इस्तेमाल किया। प्रदर्शन का आयोजन कुकी-जो समुदाय के संगठन कमेटी ऑन ट्राइबल यूनिटी ने किया था। प्रदर्शनकारी तालौलोंग क्षेत्र में एकत्र हुए और वहां से बफर जोन की ओर मार्च शुरू किया।
संगठन का आरोप है कि कांगलाटोंगबी क्षेत्र के आसपास राष्ट्रीय राजमार्ग-2 पर आवश्यक वस्तुओं की आवाजाही लंबे समय से प्रभावित है, जिससे कुकी-जो बहुल इलाकों में खाद्यान्न, दवाइयों और अन्य जरूरी सामानकी आपूर्ति बाधित हो रही है।सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों को बफर जोन पार कर आगे बढ़ने से रोक दिया। इसके बाद कुछ प्रदर्शनकारी राष्ट्रीय राजमार्ग-2 पर बैठ गए, जिससे कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा। बाद में सुरक्षा बलों ने आंसू गैस के गोले छोड़कर प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाया और स्थिति को नियंत्रण में लिया। संगठन ने आरोप लगाया कि इस मुद्दे को लेकर जिला प्रशासन, पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों को कई बार ज्ञापन सौंपे गए, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।उन्होंने कहा कि आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बाधित रहने से संबंधित क्षेत्रों में सामान की कमी और कीमतों में बढ़ोतरी हुई है।
प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा एजेंसियों से निष्पक्ष तरीके से काम करने और राष्ट्रीय राजमार्ग-2 पर आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध आवाजाही जल्द बहाल करने की मांग की। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक प्रदर्शनकारियों के आरोपों पर राज्य सरकार या सुरक्षा एजेंसियों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई थी।उल्लेखनीय है कि मणिपुर में मई 2023 में शुरू हुई जातीय हिंसा के बाद से राष्ट्रीय राजमार्ग-2 राज्य की सबसे महत्वपूर्ण आपूर्ति लाइनों में से एक बना हुआ है। इसी मार्ग से राज्य के विभिन्न हिस्सों तक खाद्यान्न, दवाइयां, ईंधन और अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति होती है। ऐसे में इस राजमार्ग पर किसी भी तरह का व्यवधान जनजीवन और आपूर्ति व्यवस्था पर सीधा असर डालता है।
घटना के बाद इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिए गए हैं और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
