2 नंबर से जेईई में रुका सिलेक्शन,अब मेरठ का लड़का बना ISRO में साइंटिस्ट
मेहनत कभी न कभी रंग जरूर लाता है. ये हम नहीं मेरठ के रहने वाले संकेत कुमार की स्टोरी बता रही है. उन्होंने साबित कर
मेहनत कभी न कभी रंग जरूर लाता है. ये हम नहीं मेरठ के रहने वाले संकेत कुमार की स्टोरी बता रही है. उन्होंने साबित कर दिया है कि असफलता अंत नहीं शुरुआत भी हो सकती है. जेईई एडवांस में केवल दो नंबरों से चूकने के बाद उन्होंने हार नहीं मानी और सेल्फ स्टडी के दम पर न केवल आईआईएसटी (IIST) में एडमिशन पाया बल्कि आज वे ISRO के प्रोपल्शन कॉम्प्लेक्स में वैज्ञानिक बन गए हैं.
