AI के भरोसे कर दी थी छंटनी, अब कंपनी को फिर से बुलाने पड़े 350 इंजीनियर
AI से लागत घटाने और इंसानों की जगह मशीनों से काम कराने का सपना अमेरिकी कार कंपनी फोर्ड लिए उम्मीद के मुताबिक सफल नहीं रहा
AI से लागत घटाने और इंसानों की जगह मशीनों से काम कराने का सपना अमेरिकी कार कंपनी फोर्ड लिए उम्मीद के मुताबिक सफल नहीं रहा.
क्वालिटी से जुड़ी समस्याएं बढ़ीं तो कंपनी को अपना फैसला बदलना पड़ा और 350 से ज्यादा अनुभवी इंजीनियरों को दोबारा नौकरी पर रखना पड़ा. सोशल
मीडिया पर इस खबर की खूब चर्चा हो रही है. कई यूजर्स इसे इस बात का उदाहरण बता रहे हैं कि AI कितना भी एडवांस
क्यों न हो, इंसानों का अनुभव और कौशल अब भी उसकी सबसे बड़ी ताकत है.आइये जानते हैं पूरी खबर.
