अपने समुदाय से नफरत करता है प्रेमजी: मुहर्रम जुलूस में जहरीले कैप्सूल बांटने की क्या थी वजह? दावे ने चौंकाया
मुंबई में मुहर्रम के जुलूस के दौरान बड़ी संख्या में लोगों को जहरीला कैप्सूल बांटने की साजिश की जांच में नया खुलासा हुआ है। दरअसल
मुंबई में मुहर्रम के जुलूस के दौरान बड़ी संख्या में लोगों को जहरीला कैप्सूल बांटने की साजिश की जांच में नया खुलासा हुआ है। दरअसल आरोपी फैयाज प्रेमजी ने पुलिस को बताया कि वह अपने समुदाय से नफरत करता है, जिसके चलते उसने जहरीले कैप्सूल मुहर्रम के जुलूस में लोगों को बांटे। हालांकि उसका दावा है कि उसका मकसद किसी की जान लेना नहीं बल्कि मुहर्रम के जुलूस के दौरान परेशानी पैदा करना था। आरोपी फैयाज प्रेमजी ने पुलिस को बताया कि उसका मकसद किसी की जान लेना नहीं था, वह बस लोगों को परेशान करना चाहता था।
आरोपी ने घटना के पहले इसका प्रैक्टिकल भी किया था कि जहर की कितनी मात्रा देने पर व्यक्ति की मौत हो सकती है। इसलिए आरोपी ने 1 ग्राम के पैकेट खुद तैयार किए थे, ताकि ये जहरीले कैप्सूल खाने से किसी की मौत न हो और सिर्फ तबीयत बिगड़े। क्या है ये पूरा मामला? मुंबई के भायखला और डोंगरी इलाकों में मुहर्रम का जुलूस निकल रहा था, तभी प्रेमजी को जुलूस में शामिल लोगों के बीच बैग में रखे कैप्सूल बांटते हुए देखा गया। सुरक्षा के लिए तैनात पुलिसकर्मियों ने उससे कैप्सूल के बारे में पूछा, तो उसने जवाब दिया कि वे पेनकिलर हैं, जिनका मकसद जुलूस के दौरान लोगों को लगी चोटों से होने वाली तकलीफ को कम करना था।
हालांकि, जल्द ही दो लोगों ने बेचैनी और उल्टी की शिकायत की। पुलिस को बताया गया कि दोनों ने प्रेमजी द्वारा बांटे गए कैप्सूल खाए थे। पुलिस ने प्रेमजी को डोंगरी के एक होटल से हिरासत में ले लिया। तलाशी के दौरान 14,900 कैप्सूल मिले, जिनमें चूहे मारने वाली दवा का पाउडर भरा हुआ था। पुलिस ने बताया कि प्रेमजी अभी हिरासत में है और उससे कड़ी पूछताछ की जा रही है। जांचकर्ताओं का कहना है कि अपने समुदाय के प्रति नाराजगी के बावजूद, प्रेमजी कट्टरपंथी या किसी चरमपंथी संगठन से जुड़ा हुआ नहीं लगता है।
हालांकि उसने इराक और ईरान की काफी यात्राएं की थीं, इसलिए अधिकारी सभी संभावित पहलुओं की जांच कर रहे हैं। उसके हालिया इंटरनेट इस्तेमाल, बातचीत और ऑनलाइन सर्च का पता लगाने के लिए उसके मोबाइल फोन को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।
