पेपर लीक माफिया पर लगेगा मकोका: महाराष्ट्र सरकार का बड़ा दांव, क्या अब ऑनलाइन होंगी सरकारी परीक्षाएं?
टीईटी पेपर लीक के आरोपियों के खिलाफ सख्त मकोका कानून लागू करने की संभावना पर कानूनी विचार-विमर्श शुरू। पेपर लीक मामले की जांच के लिए
टीईटी पेपर लीक के आरोपियों के खिलाफ सख्त मकोका कानून लागू करने की संभावना पर कानूनी विचार-विमर्श शुरू। पेपर लीक मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल गठित, अब तक तीन मुख्य आरोपी पुलिस की हिरासत में। फरार आरोपियों की धरपकड़ के लिए महाराष्ट्र पुलिस की टीमें बिहार, दिल्ली और हरियाणा के लिए की गई रवाना। भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय कमेटी का गठन। राज्य की आगामी टीईटी और अन्य राज्य स्तरीय परीक्षाओं को ऑनलाइन (कंप्यूटर आधारित) मोड में कराने की तैयारी। मुंबई में चल रहे विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान इस मुद्दे पर अपनी बात रखते हुए स्कूल शिक्षा मंत्री दादा भुसे ने कहा कि इस मामले में अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। वे फिलहाल पुलिस हिरासत में हैं।
पूरे मामले की गहराई से जांच करने के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है।निचले सदन में टीईटी पेपर लीक पर कड़ा रुख अपनाते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा, '28 जून को होने वाली परीक्षा के पेपर लीक मामले में अगर कोई भी दोषी पाया जाता है, तो उन सभी के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। सरकार इस बात की जांच कर रही है कि क्या इन आरोपियों के खिलाफ मकोका लगाया जा सकता है।'मकोका (महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गनाइज्ड क्राइम एक्ट) एक बेहद कड़ा कानून है, जो संगठित अपराध सिंडिकेट से जुड़े लोगों पर लगाया जाता है। इसके लागू होने के बाद आरोपियों के लिए जमानत हासिल करना काफी मुश्किल हो जाता है। इसके साथ ही पुलिस को अदालत में चार्जशीट दाखिल करने के लिए भी अतिरिक्त समय मिल जाता है।शिक्षा मंत्री ने सदन को बताया कि पुलिस ने पूरी मुस्तैदी के साथ जाल बिछाकर उन आरोपियों को पकड़ा, जो टीईटी का प्रश्नपत्र बेचने की कोशिश कर रहे थे।
28 जून को होने वाली परीक्षा का एक प्रश्नपत्र सेट परीक्षा से ठीक एक दिन पहले, यानी 27 जून को ही पुलिस ने उनके पास से बरामद कर लिया था। इस संबंध में अहिल्यानगर जिले के कोलगांव पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है।यह मामला महाराष्ट्र विश्वविद्यालय, बोर्ड और अन्य निर्दिष्ट परीक्षा कदाचार रोकथाम अधिनियम, 1982 की धारा छह और आठ के तहत दर्ज किया गया है। इन आरोपियों पर अवैध रूप से प्रश्नपत्र हासिल करने, परीक्षार्थियों से मोटी रकम वसूलने और उसे बांटने के लिए अपने पास रखने के गंभीर आरोप हैं। इस रैकेट के तार अन्य राज्यों से भी जुड़े हैं, जिसकी जांच के लिए पुलिस की दो टीमें बिहार और एक-एक टीम हरियाणा और दिल्ली भेजी गई हैं।बार-बार होने वाले पेपर लीक की घटनाओं को रोकने के लिए सरकार अब परीक्षा प्रणाली को बदलने पर विचार कर रही है।
शिक्षा मंत्री दादा भुसे ने घोषणा की है कि भविष्य में टीईटी और अन्य राज्य स्तरीय परीक्षाओं को ऑनलाइन (कंप्यूटर आधारित) मोड में आयोजित करने के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक विशेष समिति बनाई जाएगी। यह समिति इस व्यवस्था को लागू करने के तौर-तरीकों को तय करेगी।गौरतलब है कि ठाणे जिले में पुलिस द्वारा प्रश्नपत्र का एक हिस्सा लीक होने का पता लगाने और तीन लोगों को गिरफ्तार करने के बाद शनिवार को ही टीईटी 2026 परीक्षा को स्थगित कर दिया गया था, जो कि रविवार को आयोजित होने वाली थी।
