मुंबई में जल संकट: सूखने के कगार पर सात झीलें, कैसे बुझेगी करोड़ों लोगों की प्यास; क्या है BMC का प्लान?
बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) के हाइड्रोलिक इंजीनियर विभाग के आंकड़ों के अनुसार, सोमवार सुबह छह बजे सातों जलाशयों में केवल 1,00,279 मिलियन लीटर पानी बचा
बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) के हाइड्रोलिक इंजीनियर विभाग के आंकड़ों के अनुसार, सोमवार सुबह छह बजे सातों जलाशयों में केवल 1,00,279 मिलियन लीटर पानी बचा था। यह इनकी कुल क्षमता का सिर्फ 6.93 फीसदी है। पिछले साल इसी दिन यह स्टॉक 5,71,670 मिलियन लीटर यानी 39.5 प्रतिशत था। मुंबई को रोजाना लगभग 4,000 मिलियन लीटर पीने के पानी की आपूर्ति की जाती है। भाटसा, अपर वैतरणा, मोदक सागर, तानसा, मिडल वैतरणा, तुलसी और विहार जैसे इन सातों झीलों की कुल उपयोगी भंडारण क्षमता 14.47 लाख मिलियन लीटर है।इस प्रमुख जलाशय का उपयोगी लाइव स्टोरेज शून्य हो गया है।
अब इसके लोअर ड्राडाउन लेवल (एलडीएल) के नीचे का 11,974 मिलियन लीटर आपातकालीन पानी इस्तेमाल हो रहा है।अपर वैतरणा, मोदक सागर, तानसा और मिडल वैतरणा में संयुक्त रूप से केवल 46,192 मिलियन लीटर पानी बचा है, जो उनकी क्षमता का 6.65 फीसदी है।विहार झील में उसकी क्षमता का सबसे अधिक 45.13 प्रतिशत, तुलसी में 24.26 प्रतिशत और मोदक सागर में 18.47 प्रतिशत पानी उपलब्ध है।पिछले 24 घंटों में तुलसी में 179 मिमी, विहार में 112 मिमी, मोदक सागर में 38 मिमी और भांडुप कॉम्प्लेक्स में 191 मिमी बारिश दर्ज की गई है।राहत की बात बस इतनी है कि साल 2024 में इसी दिन पानी का स्तर 5.43 प्रतिशत तक गिर गया था, जिसके मुकाबले इस बार स्थिति मामूली रूप से बेहतर है।मानसून की धीमी रफ्तार को देखते हुए बीएमसी ने पानी बचाने के लिए कड़े कदम उठाए हैं।
महाराष्ट्र सरकार के जल संसाधन विभाग के निर्देशों के बाद पूरे शहर में पानी की कटौती लागू कर दी गई है। बीएमसी ने 15 मई से ही मुंबई में
10 फीसदी पानी की कटौती लागू कर रखी है। इसके अलावा, 17 जून से औद्योगिक और वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों के लिए पानी की कटौती बढ़ाकर 20 फीसदी कर दी गई है।
