पुणे हत्याकांड: सिया ने केतन से 1 करोड़ रुपये लेकर चेतन को दिए, 3 साल तक शादी न करने का क्यों बनाया प्लान?
पुणे के 26 वर्षीय रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की हत्या मामले की जांच में नए चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। पुलिस सूत्रों के
पुणे के 26 वर्षीय रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की हत्या मामले की जांच में नए चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, केतन की मंगेतर सिया गोयल ने शादी की खरीदारी और विवाह संबंधी खर्चों के नाम पर केतन से करीब 1 करोड़ रुपए लिए थे। आरोप है कि उसने यह पूरी रकम अपने प्रेमी चेतन चौधरी को दे दी थी। इसी बीच सोमवार को पुणे कोर्ट ने सिया गोयल और चेतन चौधरी की पुलिस कस्टडी 3 जुलाई तक बढ़ा दी है। पुलिस सूत्रों का दावा है कि सिया ने शादी की शॉपिंग और अन्य विवाह संबंधी तैयारियों का हवाला देकर केतन से लगभग 1 करोड़ रुपए लिए थे, लेकिन इन पैसों का इस्तेमाल शादी में करने के बजाय उसने पूरी रकम चेतन चौधरी को दे दी, ताकि वह अपना करियर बना सके और आर्थिक रूप से मजबूत हो सके।
जांच एजेंसियों का मानना है कि पैसों का यह लेन-देन कथित साजिश का अहम हिस्सा था।पुलिस के अनुसार, चेतन आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से था और उसने सिया से कहा था कि आर्थिक रूप से स्थिर होने में उसे करीब तीन साल लगेंगे। आरोप है कि दोनों ने योजना बनाई थी कि केतन की मौत के बाद सिया तीन साल तक शादी नहीं करेगी, ताकि किसी को उन पर शक न हो। जब चेतन आर्थिक रूप से सक्षम हो जाएगा और मामले को लेकर लोगों का ध्यान भी कम हो जाएगा, तब दोनों शादी करेंगे। पुलिस का मानना है कि शादी में देरी करने का उद्देश्य उनके रिश्ते को हत्या से असंबंधित दिखाना और बाद में सिया के परिवार से भी स्वीकृति प्राप्त करना था।जांच में हत्या की वारदात को अंजाम देने के तरीके का भी खुलासा हुआ है।
अधिकारियों के अनुसार, सिया और चेतन के बीच पहले से एक तय संकेत निर्धारित किया गया था। पुलिस के मुताबिक, सिया को कहा गया था कि वह पानी पीने या जूते के फीते बांधने का बहाना बनाकर बैठ जाए। यही संकेत चेतन के लिए होगा कि अब केतन को चट्टान से धक्का देने का सही समय है।जांचकर्ताओं का कहना है कि इस संकेत का दूसरा उद्देश्य यह भी था कि सिया केतन से सुरक्षित दूरी पर रहे, ताकि गिरते समय केतन उसे पकड़ न सके।कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) भी पुलिस के दावों को मजबूत कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, घटना से करीब 34 मिनट पहले सिया ने चेतन से बातचीत की थी। पुलिस का संदेह है कि यह बातचीत हत्या से पहले अंतिम पुष्टि के लिए की गई थी।
जांच में यह भी सामने आया है कि हत्या की साजिश मई के अंत तक पूरी तरह तैयार हो चुकी थी और 14 जून को केतन की हत्या का पहला प्रयास भी किया गया था।जांचकर्ताओं के मुताबिक, 20 वर्षीय सिया गोयल और 22 वर्षीय चेतन चौधरी ने हत्या की साजिश काफी पहले से रची थी और अपराध के बाद किसी को शक न हो, इसके लिए लंबी योजना भी बनाई थी। दोनों को 18 जून को लोहागढ़ किले की पहाड़ी से केतन अग्रवाल को धक्का देकर हत्या करने की साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।
