बंगाल में कांग्रेस का ‘शहीद दिवस’ ममता से होते हुए ऋतब्रत तक पहुंच गया
किसी आंदोलन या राजनीतिक विरासत पर नैतिक अधिकार किसका हो, टीएमसी में टूट के बाद यह सवाल खड़ा हुआ है. 21 जुलाई के शहीद दिवस
किसी आंदोलन या राजनीतिक विरासत पर नैतिक अधिकार किसका हो, टीएमसी में टूट के बाद यह सवाल खड़ा हुआ है. 21 जुलाई के शहीद दिवस कार्यक्रम पर पहले ममता बनर्जी का एकाधिकार नजर आता था, लेकिन अब टीएमसी का बागी गुट भी दावा करने लगा है - और कांग्रेस तो ममता बनर्जी के दावे को ही खारिज कर रही है.
