शक बना सनक की वजह: पहले किया प्रेमिका का अपहरण, फिर खुद को बम से उड़ाया; किस बात ने नागेंद्र को बनाया हैवान?
कर्नाटक के तुमकुरु जिले में प्रेमिका के कथित अपहरण के बाद टैक्सी के भीतर देशी बम विस्फोट कर आत्महत्या करने वाले नागेंद्र गौड़ा मामले में
कर्नाटक के तुमकुरु जिले में प्रेमिका के कथित अपहरण के बाद टैक्सी के भीतर देशी बम विस्फोट कर आत्महत्या करने वाले नागेंद्र गौड़ा मामले में जांच के दौरान कई नए खुलासे हुए हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि नागेंद्र अपनी प्रेमिका राम्या को लेकर इस कदर जुनूनी और अधिकार जताने वाला हो गया था कि उसे शक था कि वह किसी दूसरे युवक के साथ रिश्ते में है। इसी शक और रिश्ते में बढ़ती दूरियों के चलते उसने यह खौफनाक कदम उठाया। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि नागेंद्र के पास देशी बम आखिर कहां से आया? केंद्रीय रेंज के पुलिस महानिरीक्षक गिरीश के निर्देश पर कई पुलिस टीमें विस्फोटक के स्रोत का पता लगाने के लिए व्यापक जांच कर रही हैं।पुलिस जांच के अनुसार, नागेंद्र गौड़ा और राम्या करीब छह साल से रिश्ते में थे। बताया गया कि राम्या के बंगलूरू जाने के बाद नागेंद्र को उस पर शक होने लगा कि उसका किसी दूसरे व्यक्ति से संबंध है। इसी बात को लेकर दोनों के बीच अक्सर झगड़े होते थे। जांच में सामने आया कि नागेंद्र समय-समय पर राम्या से मिलने जाता और अपने शक को लेकर उससे सवाल करता था। हर बार विवाद के बाद राम्या उसे भविष्य में शादी करने का भरोसा देकर शांत कर देती थी, जिसके बाद वह वापस लौट जाता था।पूछताछ में राम्या ने पुलिस को बताया कि नागेंद्र अत्यधिक अधिकार जताने लगा था।
वह अक्सर उसके साथ मारपीट करता था और लगातार शादी के लिए दबाव बना रहा था। पुलिस का मानना है कि इसी जुनूनी व्यवहार और रिश्ते के टूटने की वजह से नागेंद्र ने यह चरम कदम उठाया।जांच का सबसे अहम पहलू यह है कि नागेंद्र के पास देशी बम कैसे पहुंचा। पुलिस अधिकारियों ने चिंता जताई है कि एक सामान्य व्यक्ति के पास इतना खतरनाक विस्फोटक कैसे पहुंच गया। जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली है कि उत्तर कन्नड़ जिले के करवार, यल्लापुर, हलियाल, जोइडा और डांडेली के वन क्षेत्रों में कभी-कभी देशी बमों का इस्तेमाल किया जाता है। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि कहीं विस्फोटक इन्हीं इलाकों से तो नहीं लाया गया था। विस्फोट में नागेंद्र का मोबाइल फोन पूरी तरह जल गया, जिससे डिजिटल साक्ष्य जुटाने में जांचकर्ताओं को कठिनाई हो रही है।नागेंद्र को जानने वाला हर कोई हैराननागेंद्र के पैतृक गांव के लोगों ने घटना पर हैरानी जताई है। ग्रामीणों के अनुसार, वह बेहद शांत और अंतर्मुखी स्वभाव का था। वह अधिक लोगों से मेलजोल नहीं रखता था। ग्रामीणों ने बताया कि करीब छह साल पहले एक पारिवारिक समारोह में उसकी मुलाकात राम्या से हुई थी, जिसके बाद दोनों रिश्ते में आए। बाद में दोनों के बीच विवाद बढ़ने पर राम्या पहले करवार जिले के दूसरे स्थान पर चली गई और फिर बंगलूरू शिफ्ट हो गई। पुलिस के अनुसार, नागेंद्र ने कथित तौर पर राम्या को धमकी दी थी कि यदि उसने उससे शादी नहीं की तो वह अपनी जान दे देगा।पुलिस के मुताबिक, यह घटना 27 जून को तुमकुरु जिले के शिरा तालुक के जोगीहल्ली गांव के पास हुई थी।
आरोप है कि नागेंद्र ने टैक्सी में राम्या का अपहरण किया और बाद में वाहन के भीतर देशी बम में विस्फोट कर दिया। विस्फोट में नागेंद्र की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि राम्या और टैक्सी चालक की जान बच गई। कल्लामबेला पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।पुलिस के मुताबिक, नागेंद्र और राम्या दोनों अंकोला क्षेत्र के रहने वाले थे और करीब आठ साल से रिश्ते में थे। बताया गया कि आपसी मतभेदों के कारण राम्या ने नागेंद्र के शादी के प्रस्ताव को ठुकरा दिया था। इसके बाद नागेंद्र ने कथित तौर पर एक कैब बुक की और बंगलूरू स्थित उस पीजी आवास पर पहुंचा, जहां राम्या रह रही थी। वहां से वह उसे जबरन अपने साथ ले गया।घटना देखने के बाद राम्या की एक दोस्त ने बंगलूरू के सिद्धापुरा पुलिस थाने में उसके लापता होने की शिकायत दर्ज कराई।पुलिस के अनुसार, राष्ट्रीय राजमार्ग-48 पर यात्रा के दौरान दोनों के बीच फिर विवाद हुआ। इस दौरान नागेंद्र ने कथित तौर पर राम्या के साथ मारपीट की और उसके सिर पर हमला किया। मौका मिलते ही राम्या चलती कार से बाहर निकल गई। इसके बाद टैक्सी चालक ने वाहन रोककर उसकी मदद की।पुलिस का कहना है कि इसके बाद नागेंद्र ने खुद को कार के भीतर बंद कर लिया और देशी बम में विस्फोट कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। धमाका इतना तेज था कि कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।टैक्सी चालक प्रवीण ने पुलिस को घटना का कुछ अलग घटनाक्रम बताया है, जिसकी जांच की जा रही है।
