Bengal: शुभेंदु सरकार के 'गुंडा नियंत्रण बिल' को मिला बागी सांसदों का साथ, इसके पीछे क्या है सरकार की मंशा?
बंगाल सरकार का मानना है कि मौजूदा कानून राज्य में असामाजिक तत्वों और दंगाइयों से निपटने के लिए पर्याप्त नहीं हैं। इसलिए सरकार ने गुंडा
बंगाल सरकार का मानना है कि मौजूदा कानून राज्य में असामाजिक तत्वों और दंगाइयों से निपटने के लिए पर्याप्त नहीं हैं। इसलिए सरकार ने गुंडा तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए नया बिल लाने का फैसला किया है। इस विधेयक के तहत अवैध खनन, रेत खनन और वन्यजीवों से जुड़े अपराध भी शामिल किए जाएंगे।
राज्य सरकार ने कहा है कि कोई आदतन अपराधी है और असामाजिक गतिविधियों को बढ़ावा देता है तो उसे गुंडा माना जाएगा।नए विधेयक से पुलिस को ज्यादा पॉवर मिलने की बात कही जा रही है। एसपी रैंक या उससे ऊपर के अधिकारी की रिपोर्ट पर किसी व्यक्ति को हिरासत में लिया जा सकेगा।
इतना ही नहीं पुलिस किसी व्यक्ति को अगर जन सुरक्षा के लिए खतरनाक मानती है तो उसे बिना मुकदमे के एक साल तक हिरासत में रखा जा सकेगा।बंगाल के बागी सांसदों ने भी नए विधेयक का समर्थन किया है। बागी सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने एंटी सोशल एक्टिविटीज बिल को लेकर कहा कि 'मैं इस विधेयक का समर्थन करती हूं।
यह विधेयक असामाजिक तत्वों के खिलाफ लाया जा रहा है।' एयूजेपी विधायक हुमायूं कबीर ने नए विधेयक पर कहा कि मैं इस विधेयक का समर्थन करता हूं और यह राज्य के लोगों की भलाई के लिए लाया जा रहा है।
