तो क्या बच जाएंगे सिया और चेतन? केतन की मौत का ना कोई चश्मदीद और ना कोई गवाह
18 जून को लोहागढ़ किले की उस खाई के पास आखिर हुआ क्या था? यह सवाल अब भी इस हाई-प्रोफाइल केस का सबसे बड़ा रहस्य
18 जून को लोहागढ़ किले की उस खाई के पास आखिर हुआ क्या था? यह सवाल अब भी इस हाई-प्रोफाइल केस का सबसे बड़ा रहस्य बना हुआ है. घटनास्थल पर सिर्फ तीन लोग मौजूद थे केतन अग्रवाल, उनकी मंगेतर सिया गोयल और सिया का प्रेमी चेतन चौधरी.
कुछ ही पलों बाद केतन के खाई में गिरने से मौत हो गई. अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब घटना का कोई प्रत्यक्षदर्शी (आई-विटनेस) नहीं है तो ऐसे में उस मर्डर मिस्ट्री का सच कौन बताएगा.
ऐसा कोई था जो सिया और चेतन के गुनाहों का साक्षी बना हो. माना जा रहा है की क्राइम वाली जगह पर उस वक्त कोई
और मौजूद नहीं था. यानि मौके पर सिर्फ इन तीनों का होना पुणे पुलिस की सबसे बड़ी चुनौती है.
