Sdg-7 की रिपोर्ट में खुलासा: दुनिया के 65.5 करोड़ लोग अब भी बिजली से वंचित, दो अरब प्रदूषित ईंधन के सहारे
विश्व की 92 फीसदी आबादी तक बिजली पहुंची...रफ्तार कम विशेषज्ञों का कहना है कि यदि इसी गति से काम चलता रहा तो ऊर्जा असमानता और
विश्व की 92 फीसदी आबादी तक बिजली पहुंची...रफ्तार कम विशेषज्ञों का कहना है कि यदि इसी गति से काम चलता रहा तो ऊर्जा असमानता और गहरी हो सकती है। रिपोर्ट के अनुसार दुनिया की लगभग 92 प्रतिशत आबादी तक बिजली पहुंच चुकी है, जो पिछले वर्षों की तुलना में बेहतर स्थिति दर्शाती है।
हालांकि बिजली पहुंचाने की गति अब पहले की अपेक्षा काफी धीमी हो गई है। रिपोर्ट चेतावनी देती है कि यदि 2030 तक हर व्यक्ति को बिजली उपलब्ध करानी है तो वर्तमान
प्रयासों की गति को लगभग तीन गुना बढ़ाना होगा। नीतिगत बदलाव के बिना नहीं होगा समाधान विशेषज्ञों का मानना है कि सरकारों को ऊर्जा क्षेत्र में निवेश बढ़ाने, नीतिगत सुधार करने
और विशेष रूप से गरीब तथा पिछड़े क्षेत्रों पर अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है, ताकि बिजली और स्वच्छ ऊर्जा जैसी बुनियादी सुविधाएं हर व्यक्ति तक समान रूप से पहुंच सकें
