क्या छह महीने में गिर जाएगी विजय सरकार: स्टालिन का बड़ा दावा-बैसाखियों पर टिकी टीवीके, क्या फिर होंगे चुनाव?
क्या बहुमत से दूर है टीवीके सरकार? चेन्नई में डीएमके का एक बड़ा कार्यक्रम हुआ। इस कार्यक्रम में दूसरी पार्टियों के कार्यकर्ता डीएमके में शामिल
क्या बहुमत से दूर है टीवीके सरकार? चेन्नई में डीएमके का एक बड़ा कार्यक्रम हुआ। इस कार्यक्रम में दूसरी पार्टियों के कार्यकर्ता डीएमके में शामिल हुए। यहीं पर स्टालिन ने कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। पूर्व मुख्यमंत्री स्टालिन ने कहा कि सत्ताधारी टीवीके के पास अकेले सरकार चलाने का बहुमत नहीं है। चुनाव में बहुमत के लिए 118 सीटें चाहिए थीं। लेकिन टीवीके को केवल 108 सीटें ही मिलीं। स्टालिन ने कहा कि जनता ने टीवीके को अकेले सरकार बनाने का जनादेश नहीं दिया था। उनके अनुसार, जनता असल में डीएमके की सरकार चाहती थी। समझिए सीटों का पूरा समीकरण जादुई आंकड़े से दूर: टीवीके के पास सिर्फ 108 सीटें हैं, जबकि बहुमत के लिए 118 सीटें जरूरी हैं। टीवीके के पास सिर्फ 108 सीटें हैं, जबकि बहुमत के लिए 118 सीटें जरूरी हैं। पुराने सहयोगियों का साथ: यह सरकार कांग्रेस, लेफ्ट पार्टियों, वीसीके और आईयूएमएल के भरोसे चल रही है।
यह सरकार कांग्रेस, लेफ्ट पार्टियों, वीसीके और आईयूएमएल के भरोसे चल रही है। चुनाव में थे डीएमके के साथ: समर्थन देने वाले इन दलों ने 23 अप्रैल का चुनाव डीएमके के साथ लड़ा था। समर्थन देने वाले इन दलों ने 23 अप्रैल का चुनाव डीएमके के साथ लड़ा था। चुनाव के बाद बदला पाला: इन पार्टियों ने डीएमके से नाता तोड़ा और सी जोसेफ विजय को समर्थन दे दिया। इन पार्टियों ने डीएमके से नाता तोड़ा और सी जोसेफ विजय को समर्थन दे दिया। एमडीएमके ने भी छोड़ा साथ: शनिवार को वाइको की पार्टी एमडीएमके ने भी डीएमके का साथ छोड़ दिया है। क्या राज्य में समय से पहले चुनाव होंगे? तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने इस सरकार को एक कमजोर गाड़ी बताया है। उन्होंने कहा, 'यह गाड़ी किस मोड़ पर संतुलन खो देगी और कब अचानक रुक जाएगी, कोई नहीं जानता।' स्टालिन का मानना है कि चुनाव कभी भी हो सकते हैं।
यह तीन महीने में भी हो सकते हैं और छह महीने में भी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि वे पांच साल का इंतजार न करें। उन्होंने सभी को अभी से पूरी तरह तैयार रहने को कहा है। चेन्नई में डीएमके का एक बड़ा कार्यक्रम हुआ। इस कार्यक्रम में दूसरी पार्टियों के कार्यकर्ता डीएमके में शामिल हुए। यहीं पर स्टालिन ने कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। पूर्व मुख्यमंत्री स्टालिन ने कहा कि सत्ताधारी टीवीके के पास अकेले सरकार चलाने का बहुमत नहीं है। चुनाव में बहुमत के लिए 118 सीटें चाहिए थीं। लेकिन टीवीके को केवल 108 सीटें ही मिलीं। स्टालिन ने कहा कि जनता ने टीवीके को अकेले सरकार बनाने का जनादेश नहीं दिया था। उनके अनुसार, जनता असल में डीएमके की सरकार चाहती थी।तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने इस सरकार को एक कमजोर गाड़ी बताया है। उन्होंने कहा, 'यह गाड़ी किस मोड़ पर संतुलन खो देगी और कब अचानक रुक जाएगी, कोई नहीं जानता।' स्टालिन का मानना है कि चुनाव कभी भी हो सकते हैं।
यह तीन महीने में भी हो सकते हैं और छह महीने में भी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि वे पांच साल का इंतजार न करें। उन्होंने सभी को अभी से पूरी तरह तैयार रहने को कहा है। तमिलनाडु की राजनीति में अचानक हलचल बढ़ गई है। डीएमके अध्यक्ष एम के स्टालिन ने रविवार को एक बड़ा दावा किया है। उन्होंने संकेत दिया है कि राज्य की टीवीके सरकार अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा नहीं कर पाएगी। स्टालिन ने कहा कि यह सरकार उन पार्टियों के भरोसे चल रही है, जो पहले डीएमके गठबंधन में थीं। क्या मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय की यह सरकार अगले तीन से छह महीनों में गिर जाएगी? स्टालिन के इस बयान से राज्य में नए सिरे से चुनावी चर्चा शुरू हो गई है।
