Ketan Murder Case:'जन्मदिन का बहाना, किले की सैर और मौत का जाल'; केतन हत्याकांड की FIR में क्या खुलासे हुए?
क्या एफआईआर में सिया गोयल के व्यवहार पर गंभीर आरोप लगाए? एफआईआर में दर्ज जरूरी बातें केतन अग्रवाल के पिता विशाल देवीचंद अग्रवाल ने 23
क्या एफआईआर में सिया गोयल के व्यवहार पर गंभीर आरोप लगाए? एफआईआर में दर्ज जरूरी बातें केतन अग्रवाल के पिता विशाल देवीचंद अग्रवाल ने 23 जून को एफआईआर दर्ज कराई थी। परिवार ने आरोप लगाया है कि सिया गोयल पिछले कुछ समय से असामान्य व्यवहार कर रही थी और छोटी-छोटी बातों पर झगड़ा करती थी। एफआईआर के अनुसार, सिया लगातार केतन पर लोहागढ़ किला घूमने जाने का दबाव बना रही थी। 17 जून की रात सिया ने अपने जन्मदिन का हवाला देकर केतन को 18 जून को लोहागढ़ चलने के लिए तैयार किया था। केतन की मां ने पहले यात्रा की अनुमति नहीं दी थी, लेकिन सिया ने उनसे सीधे बात कर उन्हें मना लिया था। 18 जून को केतन ने सिया को किवाले पुल से लिया और दोनों लोहागढ़ किले पहुंचे थे। सुबह करीब 10:45 बजे सिया ने फोन कर केतन के खाई में गिरने की जानकारी परिवार को दी थी। 21 जून को घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद परिवार ने दावा किया कि वहां से गलती से फिसलकर गिरने की संभावना बहुत कम है। परिवार ने आरोप लगाया कि सिया का फोन अक्सर व्यस्त रहता था और वह चेतन चौधरी का बार-बार जिक्र करती थी।
एफआईआर में सिया गोयल और चेतन चौधरी के बीच कथित प्रेम संबंध होने और केतन को रास्ते से हटाने के लिए हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया गया है। क्या जन्मदिन का बहाना बनाकर केतन को लोहागढ़ ले जाया गया? परिवार को दुर्घटना पर शक क्यों हुआ? क्या प्रेम संबंध के कारण रची गई हत्या की साजिश? जांच अब किस दिशा में आगे बढ़ रही है? केतन अग्रवाल के पिता विशाल देवीचंद अग्रवाल ने 23 जून को पुलिस में दर्ज कराई गई एफआईआर में दावा किया है कि सिया गोयल पिछले कुछ समय से असामान्य व्यवहार कर रही थी। परिवार के अनुसार, सिया छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा करती थी और अक्सर केतन से झगड़ा करती थी। एफआईआर में यह भी कहा गया है कि 4 जून को लोहागढ़ किले की यात्रा रद्द होने के बाद सिया काफी नाराज हो गई थी और लगातार वहां जाने की जिद कर रही थी। परिवार का आरोप है कि सिया ने इसी यात्रा को लेकर केतन पर दबाव बनाया था।एफआईआर के मुताबिक, 17 जून की रात सिया ने व्हाट्सऐप कॉल कर अपने जन्मदिन का हवाला देते हुए केतन को अगले दिन घूमने चलने के लिए कहा। शुरुआत में केतन की मां राखी अग्रवाल ने इसकी अनुमति नहीं दी थी।
इसके बाद सिया ने खुद उनसे बात की और उन्हें मना लिया। 18 जून की सुबह केतन घर से निकला और पुणे-मुंबई हाईवे पर किवाले पुल के पास से सिया को साथ लेकर लोहागढ़ किले पहुंचा। सुबह करीब 10:45 बजे सिया ने केतन की मां को फोन कर बताया कि केतन खाई में गिर गया है। पुलिस और स्थानीय लोगों ने केतन को खाई से निकालकर अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।घटना के तीन दिन बाद, 21 जून को केतन के पिता और परिवार के अन्य सदस्य उस स्थान पर पहुंचे, जहां से केतन गिरा था। परिवार के साथ उसके दोस्त नवदीप जिंदल और तरुण मित्तल भी मौजूद थे। एफआईआर के अनुसार, घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद परिवार ने निष्कर्ष निकाला कि वहां से किसी व्यक्ति का गलती से फिसलकर गिरना बेहद मुश्किल है। इसी दौरान परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि सिया का फोन अक्सर व्यस्त रहता था और वह बार-बार चेतन चौधरी नाम के व्यक्ति का जिक्र करती थी। इससे परिवार को दोनों के बीच प्रेम संबंध होने का शक हुआ।एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि सिया गोयल और चेतन चौधरी के बीच कथित प्रेम संबंध थे और केतन उनके रिश्ते में बाधा बन रहा था।
