बबीता के संपर्क में थे धमाके कर चुके 3 आतंकी:एक कंधार विमान हाइजैक का मास्टरमाइंड, राजस्थान में 'लेडी स्लीपर सेल' तैयार करना था मकसद
जयपुर की बबीता धाकड़ (36) उर्फ खदीजा देश में कई आतंकी घटनाओं को अंजाम दे चुके मास्टरमाइंड आतंकियों के संपर्क में थी। इंडियन एयरलाइंस IC-814
जयपुर की बबीता धाकड़ (36) उर्फ खदीजा देश में कई आतंकी घटनाओं को अंजाम दे चुके मास्टरमाइंड आतंकियों के संपर्क में थी। इंडियन एयरलाइंस IC-814 विमान अपहरण कांड का एक मास्टरमाइंड यूसुफ अजहर उर्फ उस्ताद गौरी भी बबीता से चैटिंग करता था। साल 2016 में जम्मू-कश्मीर के नागरोटा में भारतीय सेना के कैंप पर हमले का आरोपी कारी जरार भी बबीता के संपर्क में था। ये खुलासा बबीता धाकड़ के जब्त हुए फोन की जांच-पड़ताल में हुआ है। राजस्थान ATS ने बबीता के संपर्क में आए जैश-ए-मोहम्मद (आतंकी संगठन) के 100 संदिग्ध आतंकियों का रिकॉर्ड निकाला है। इसे नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) के रिकॉर्ड से मैच कराया जा रहा है। ATS से जुड़े आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि ये पहली बार है जब पाकिस्तान के आतंकी संगठन ने राजस्थान में किसी महिला को टारगेट बनाया है। इसका मकसद बबीता के जरिए एक लेडी स्लीपर सैल तैयार करना था, जिसका इस्तेमाल वक्त आने पर किसी बड़े हमले में किया जा सके। इसके लिए बाकायदा ट्रेनिंग भी दी जा रही थी। संडे बिग स्टोरी में पढ़िए आतंकी संगठनों के क्या मंसूबे थे और बबीता से पूछताछ में कौन से बड़े खुलासे हुए... फ्रेंड लिस्ट में 370 लोग, ज्यादातर पाकिस्तानी और आतंकी बबीता धाकड़ को जयपुर के वाटिका स्थित उसके घर से राजस्थान ATS ने पकड़ा था। उस दौरान सबसे पहले बबीता का मोबाइल जब्त किया गया था। मोबाइल में दो सिम बरामद हुई। एक नंबर का इस्तेमाल फेसबुक चलाने में करती थी। उस सिम से जुड़ा काफी डेटा बबीता ने डिलीट कर दिया था। टीम को एक फेसबुक आईडी (duniya dhokhebaaz) दुनिया धोखेबाज नाम का अकाउंट मिला। आरोप है कि इसे बबीता ही चलाती थी। फ्रेंड लिस्ट में कुल 370 लोग जुड़े हुए थे। ज्यादातर अकाउंट पाकिस्तानी या भारत से बाहर ऑपरेट हो रहे थे। सभी अकाउंट को राजस्थान एटीएस एनआईए की मदद से ट्रेस करने की कोशिश में जुटी है। अबतक 3 अकाउंट ऐसे मिले हैं, जो जैश-ए-मोहम्मद संगठन से जुड़े आतंकी हैं। ये देश में कई आतंकी गतिविधियों को अंजाम दे चुके हैं। अब सिलसिलेवार पढ़ते हैं कौन हैं वो आतंकी.... 1. कारी जरार: सेना के कैंप पर हमले का मास्टरमाइंड कारी जरार का नाम नवंबर 2016 के नागरोटा (जम्मू) सेना शिविर पर हुए आतंकी हमले की साजिश रचने के मास्टरमाइंड के तौर पर सामने आया था।
29 नवंबर 2016 को 166 आर्टिलरी यूनिट, नागरोटा, जम्मू में तीन आतंकवादी सेना की वर्दी पहनकर शिविर में घुसे और फायरिंग शुरू कर दी थी। इस दौरान 7 जवान शहीद हो गए थे। सुरक्षा बलों की जवाबी कार्रवाई में तीनों हमलावरों को मार गिराया गया था। ये आतंकी जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े थे। इन्हें हथियार सप्लाई करने से लेकर भारत भेजने का काम कारी जरार ने किया था। कारी कथित तौर पर जैश-ए-मोहम्मद का सीनियर कमांडर है, जो भोले-भाले लोगों को अपनी बातों में फंसा कर आतंकी बनाने में माहिर है। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, वह पाकिस्तान से आतंकियों की घुसपैठ, प्रशिक्षण और हमलों की योजना बनाने में शामिल रहा है। राजस्थान ATS ने बताया कि बबीता इसी आतंकी कारी जरार के संपर्क में थी। कारी जरार ही उसे ट्रेनिंग दे रहा था। बबीता के मोबाइल की कॉन्टैक्ट लिस्ट में कुछ नंबर मिले हैं। विश्वसनीय सूत्रों ने बताया कि जैश का कमांडर कारी जरार भी इनमें से एक नंबर का इस्तेमाल करता है। उन नंबरों की NIA के जरिए जांच कराई जा रही है। 2. यूसुफ अजहर उर्फ उस्ताद गौरी: कंधार विमान हाईजैक का मास्टरमाइंड यूसुफ अजहर उर्फ उस्ताद गौरी का नाम भारत के सबसे चर्चित इंडियन एयरलाइंस की फ्लाइट IC-814 अपहरण कांड (कंधार विमान अपहरण कांड) में सामने आया था। भारतीय जांच एजेंसियों के अनुसार वह प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के संस्थापक मौलाना मसूद अजहर का रिश्तेदार (साला) है। 24 दिसंबर 1999 को इंडियन एयरलाइंस की फ्लाइट IC-814 नेपाल के काठमांडू से दिल्ली आ रही थी। उड़ान के दौरान 5 हथियारबंद आतंकवादियों ने विमान का अपहरण कर लिया था। विमान को अफगानिस्तान के कंधार ले जाया गया। करीब सात दिनों तक 176 यात्रियों और चालक दल को बंधक बनाकर रखा गया था। यात्रियों को छुड़ाने के बदले भारत सरकार को तीन आतंकियों मौलाना मसूद अजहर, अहमद उमर सईद शेख और मुश्ताक अहमद जरगर को रिहा करना पड़ा था। भारतीय जांच एजेंसियों के अनुसार, यूसुफ अजहर उर्फ उस्ताद गौरी IC-814 अपहरण साजिश में शामिल आरोपियों में से एक है। लंबे समय से वांछित है। बबीता ने मोबाइल की कॉन्टैक्ट लिस्ट में आतंकी का नाम ऊर्दू में ओसामा गोरी के नाम से सेव करके रखा था। राजस्थान ATS की मानें तो उनकी पड़ताल में यह नंबर कंधार विमान हाईजैक का मास्टरमाइंड यूसुफ अजहर इस्तेमाल करता था।