कांग्रेस बोली-सरकार ने ऑपरेशन सिंदूर के शहीदों की जानकारी छिपाई:रक्षा मंत्रालय बोला- शहीदों को शुरू से सम्मान मिला, राजनाथ का बयान गलत अर्थ में दिखाया
ऑपरेशन सिंदूर में भारत के 6 शहीद जवानों के नाम सार्वजनिक करने के बाद विवाद हो गया है। कांग्रेस ने सरकार पर शहीदों के नाम
ऑपरेशन सिंदूर में भारत के 6 शहीद जवानों के नाम सार्वजनिक करने के बाद विवाद हो गया है। कांग्रेस ने सरकार पर शहीदों के नाम छिपाने का आरोप लगाया है। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा कहा, ‘सरकार ने इन जवानों की शहादत एक साल तक सार्वजनिक नहीं की। उन्हें वह सम्मान नहीं मिला, जिसके वे हकदार थे।’ पवन खेड़ा ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के संसद में दिए गए एक बयान का वीडियो X पर शेयर किया। इसमें राजनाथ सिंह ने एक सवाल के जवाब में कहा था कि ऑपरेशन सिंदूर में किसी को नुकसान नहीं पहुंचा है। पोस्ट में पवन खेड़ा ने लिखा- दो ही संभावनाएं हैं। या तो रक्षा मंत्री को उस समय छह जवानों की शहादत की जानकारी नहीं थी या उन्होंने संसद को गुमराह किया। दोनों ही स्थितियां गंभीर हैं। रक्षा मंत्रालय ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि शहीदों को शुरू से सम्मान दिया गया। रक्षा मंत्री के संसद में दिए गए बयान को संदर्भ से काटकर पेश किया जा रहा है।
ऑपरेशन सिंदूर में शहीद हुए 6 जवान… रक्षा मंत्रालय बोला- आरोप तथ्यात्मक रूप से गलत रक्षा मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि कुछ मीडिया रिपोर्ट और सोशल मीडिया पोस्ट में यह गलत दावा किया जा रहा है कि छह शहीदों को पहली बार अब सार्वजनिक सम्मान मिला है। यह दावा तथ्यात्मक रूप से गलत है। 'वार मेमोरियल पर नाम दर्ज करने की तय प्रक्रिया है' रक्षा मंत्रालय ने कहा कि राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर शहीदों के नाम दर्ज करने की एक तय प्रक्रिया और प्रोटोकॉल है। सभी नाम उसी प्रक्रिया के तहत दर्ज किए जाते हैं। इसलिए यह कहना कि नाम दर्ज करने में देरी हुई या शहीदों को अब पहली बार सम्मान मिला है, सही नहीं है। मंत्रालय ने कहा कि सरकार ने शहीदों के परिवारों को शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य सभी निर्धारित सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं। छहों शहीद राष्ट्रीय नायक हैं। उनका बलिदान हमेशा सम्मान के साथ याद रखा जाएगा। राजनाथ के बयान पर भी दी सफाई रक्षा मंत्रालय ने कहा कि सोशल मीडिया पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के संसद में दिए गए भाषण के एक हिस्से को संदर्भ से अलग करके पेश किया गया।
इससे यह गलत संदेश देने की कोशिश की गई कि उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर में किसी भारतीय सैनिक के शहीद नहीं होने की बात कही थी। रक्षा मंत्रालय ने कहा कि राजनाथ सिंह का बयान ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय वायुसेना के पायलटों के मारे जाने के दावों का खंडन करने के लिए था। मंत्रालय के मुताबिक, सोशल मीडिया पर उनके बयान के एक हिस्से को संदर्भ से अलग करके पेश किया गया। पूरा भाषण देखने पर स्पष्ट है कि उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर की सफलता और भारतीय सशस्त्र बलों के पराक्रम का जिक्र किया था। 6 मई 2025: सेना ने PoK में 9 आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े 9 आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले किए थे। भारत सरकार ने कहा था कि इन हमलों में 100 से ज्यादा आतंकियों को मार गिराया था। इसके बाद 10 मई को भारत और पाकिस्तान के सैन्य अभियान महानिदेशकों (DGMO) के बीच बातचीत के बाद दोनों देशों ने सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमति जताई थी।