टीईटी पेपर लीक विवाद: महाराष्ट्र सरकार ने SIT गठित की, प्रतियोगी परीक्षा के अभ्यर्थियों को कब मिलेगा इंसाफ?
क्या पुलिस को इस लीक की भनक पहले ही लग गई थी? हां, पुलिस को इसकी सटीक खुफिया जानकारी मिली थी। ठाणे के अतिरिक्त पुलिस
क्या पुलिस को इस लीक की भनक पहले ही लग गई थी? हां, पुलिस को इसकी सटीक खुफिया जानकारी मिली थी। ठाणे के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अशोक दुधे के अनुसार, डीसीपी (जोन 2) पवन बंसोड को सूचना मिली थी कि कुछ लोग टीईटी परीक्षा के प्रश्नपत्र बेचने के लिए शनिवार को भिवंडी आ रहे हैं।सूचना मिलते ही पुलिस ने तुरंत एक टीम तैयार की और कोनगांव इलाके में जाल बिछाया। पुलिस ने मौके से तीन लोगों को दबोच लिया। जब उनकी तलाशी ली गई, तो अधिकारियों के होश उड़ गए। उनके पास से मोबाइल फोन, डेबिट-क्रेडिट कार्ड, नकदी के साथ-साथ अगले दिन होने वाली परीक्षा के चार प्रश्नपत्र बरामद हुए।
शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर पुष्टि की कि जब्त किए गए पेपर हुबहू असली प्रश्नपत्रों से मिल रहे थे। इसके बाद पुलिस ने तीनों को हिरासत में लेकर एफआईआर दर्ज कर ली।क्या आप जानते हैं कि यह लीक कितना बड़ा था और इसका असर कितने छात्रों पर पड़ा? आइए इन 5 पॉइंटर्स से पूरी घटना को समझते हैं।यह परीक्षा रविवार, 28 जून 2026 को पूरे महाराष्ट्र के 1,028 केंद्रों पर आयोजित होने वाली थी, जिसे अब पूरी तरह टाल दिया गया है।पकड़े गए आरोपियों के पास से परीक्षा के चार सेट बरामद हुए, जिनकी शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने असली होने की पुष्टि की है।एमएससीई ने सार्वजनिक नोटिस में माना कि हालिया नीट 2026 परीक्षा में हुई गड़बड़ियों को देखते हुए सभी सुरक्षा इंतजाम कड़े किए गए थे, फिर भी यह चूक हो गई।ठाणे पुलिस ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम बना दी है, जो इस रैकेट की जड़ों तक पहुंचेगी।परीक्षा परिषद ने कहा है कि विस्तृत जांच के आदेश दे दिए गए हैं और परीक्षा की नई तारीखों की घोषणा आधिकारिक वेबसाइट पर की जाएगी।क्या इस खेल में शिक्षा विभाग या किसी प्रिंटिंग प्रेस के लोग भी शामिल हैं?
पुलिस अब इसी सवाल का जवाब ढूंढ रही है। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अशोक दुधे ने साफ कर दिया है कि जांच के दौरान जिस किसी की भी संलिप्तता सामने आएगी, उसके खिलाफ सख्त
से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आरोपियों से पूछताछ जारी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह पेपर उन तक कैसे पहुंचा और वे इसे कितने अभ्यर्थियों को बेचने वाले थे।
