अरुणाचाल को कब मिलेगी राहत?: बारिश से त्राहिमाम कर रहा पूर्वोत्तर का इलाका, IMD ने नई चेतावनी में क्या कहा?
दो मौतों की पुष्टि: बाढ़ और भूस्खलन के कारण अब तक दो लोगों की जान जा चुकी है। मलबे में तब्दील आशियाने: एनईईपीसीओ कॉलोनी में
दो मौतों की पुष्टि: बाढ़ और भूस्खलन के कारण अब तक दो लोगों की जान जा चुकी है। मलबे में तब्दील आशियाने: एनईईपीसीओ कॉलोनी में करीब 30 घर पूरी तरह से बह गए या नष्ट हो गए हैं। सैकड़ों परिवार प्रभावित: पोस्सा और पिटापूल इलाकों को मिलाकर कुल 128 परिवार इस आपदा की चपेट में आए हैं। राहत शिविरों का सहारा: बेघर हुए 60 लोगों ने एनईईपीसीओ परिसर में बने राहत शिविर में शरण ली है। यातायात की स्थिति: पोतिन-किमिन रोड और होज-सागली मार्ग को साफ करके फिलहाल हल्के वाहनों के लिए खोल दिया गया है।
इस आपदा ने शनिवार को उस वक्त और दर्दनाक रूप ले लिया, जब एनईईपीसीओ कॉलोनी में मलबे के नीचे से 30 वर्षीय बल्लारी मारक उर्फ ओलिन सिंकली का शव निकाला गया। वह मूल रूप से मेघालय के री-भोई जिले की रहने वाली थी। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी बेरु दुलम ने इस मौत की पुष्टि की है। बुधवार सुबह आई इस अचानक बाढ़ के बाद से पांच लोग लापता थे। अब तक दो महिलाओं के शव मिल चुके हैं, जबकि तीन लोग अब भी लापता हैं। लापता लोगों को तलाशने के लिए एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, जिला पुलिस और स्थानीय वॉलेंटियर्स की टीमें जुटी हुई हैं।
राहत कार्यों को गति देने के लिए भारतीय वायुसेना और नागरिक उड्डयन के हेलीकॉप्टरों की मदद ली जा रही है। क्या लापता लोगों को सुरक्षित बचाया जा सकेगा? यह सवाल हर किसी के जेहन में है।क्या अरुणाचल को इस तबाही से जल्द राहत मिलेगी? मौसम विभाग के अनुमान तो कुछ और ही इशारा कर रहे हैं। आईएमडी ने रविवार से राज्य के कई हिस्सों में अत्यधिक भारी बारिश, आकाशीय बिजली और गरज-चमक की चेतावनी दी है। लोअर सियांग, वेस्ट सियांग और ईस्ट सियांग जिलों के लिए 'रेड अलर्ट' जारी किया गया है।
सोमवार को भी मध्य और पूर्वी अरुणाचल में भारी बारिश का दौर जारी रहेगा। लोअर दिबांग वैली के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी है। हालांकि, मंगलवार से बारिश की रफ्तार थोड़ी कम होने की उम्मीद है। बुधवार और गुरुवार से मौसम में सुधार होने की संभावना जताई गई है। प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
