कोलकाता गोदाम हादसा: 16 मौतों के बाद बढ़ेंगी ममता के करीबी नेता की मुश्किलें? पूर्व मेयर के खिलाफ FIR की मांग
कोलकाता के तारातला स्थित ट्रांसपोर्ट डिपो रोड पर गोदाम गिरने से हुई 16 लोगों की मौत के बाद शहर के पूर्व मेयर और उनके साथियों
कोलकाता के तारातला स्थित ट्रांसपोर्ट डिपो रोड पर गोदाम गिरने से हुई 16 लोगों की मौत के बाद शहर के पूर्व मेयर और उनके साथियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। प्राप्त जानकारी के मुताबिक, भारतीय जनता मजदूर सेल ने कोलकाता के पूर्व मेयर फरहाद हकीम और पूर्व पार्षद अनवर खान तथा शम्स इकबाल के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग करते हुए पुलिस में शिकायत दी है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि इन तीनों पर अवैध निर्माण को कथित तौर पर अनुमति देने में भूमिका निभाने का आरोप लगाया गया है, जिसके कारण शहर में हाल के दिनों में इमारतों और गोदामों के ढहने जैसी घटनाएं सामने आई हैं।
घटना के बाद बीजेएमसी की दक्षिण कोलकाता इकाई ने गुरुवार को तारातला थाने में यह शिकायत दर्ज कराई। अपनी शिकायत में संगठन ने आरोप लगाया है कि कोलकाता पोर्ट क्षेत्र में इमारतों और गोदामों के बार-बार ढहने की घटनाएं अनधिकृत निर्माण, गंभीर लापरवाही और संभावित आपराधिक साजिश का परिणाम हैं। संगठन ने फरहाद हकीम तथा क्रमशः वार्ड नंबर 80 और 134 के पूर्व पार्षद अनवर खान और शम्स इकबाल की भूमिका की विस्तृत जांच की मांग की है। कोलकाता पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शिकायत मिलने की पुष्टि की, लेकिन स्पष्ट किया कि अभी तक FIR दर्ज नहीं की गई है।अधिकारी ने PTI से कहा कि हमें लिखित शिकायत प्राप्त हुई है और उसकी जांच की जा रही है।
शिकायत में लगाए गए आरोपों का सत्यापन निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत किया जाएगा। जांच के निष्कर्षों के आधार पर आवश्यकता पड़ने पर उचित कार्रवाई की जाएगी। केवल शिकायत दर्ज होने भर से स्वतः FIR दर्ज नहीं हो जाती। पुलिस शिकायत की सामग्री और आरोपों की विस्तार से जांच कर रही है, जिसके बाद ही आगे का निर्णय लिया जाएगा। शिकायत की प्रतियां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई संबंधित अधिकारियों को भी भेजी गई हैं।फिरहाद हकीम राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के करीबी माने जाते हैं। साल 2026 के चुनाव में जहां टीएमसी के कई बड़े नेताओं को हार का सामना करना पड़ा था।
वहीं, हकीम एक बार फिर कोलकाता पोर्ट सीट से विधानसभा पहुंचने में कामयाब रहे हैं। बंगाल में टीएमसी के शासन के दौरान वह साल 2018 से कोलकाता के मेयर बने और राज्य सरकार में कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। दिसंबर 2018 में सोभनदेब चट्टोपाध्याय के पद छोड़ने के बाद उन्हें कोलकाता का मेयर बनाया गया था। यह एक ऐतिहासिक पल था जब हकीम, 150 साल पुरानी कोलकाता नगर निगम के पहले मुस्लिम मेयर बने थे।
