Kerala: सबरीमाला मंदिर में सोने के गायब होने के मामले में जांच अंतिम चरण में, मुख्य आरोपी से आठ घंटे पूछताछ
सबरीमाला मंदिर में सोना गायब होने का मामला क्या है? केरल हाईकोर्ट ने एट्टुमानूर मंदिर को लेकर क्या आदेश दिया? एट्टुमानूर मंदिर में सोने को
सबरीमाला मंदिर में सोना गायब होने का मामला क्या है? केरल हाईकोर्ट ने एट्टुमानूर मंदिर को लेकर क्या आदेश दिया? एट्टुमानूर मंदिर में सोने को लेकर क्या आरोप लगे हैं? क्या अंतिम रिपोर्ट के बाद मामले में नया मोड़ आ सकता है? सूत्रों के अनुसार, एसआईटी ने शुक्रवार को पुलिस मुख्यालय में उन्नीकृष्णन पोट्टी से सुबह से शाम तक पूछताछ की। यह पूछताछ उस समय हुई है, जब जांच एजेंसी अदालत में आरोपपत्र दाखिल करने की तैयारी कर रही है। एसआईटी पहले ही अदालत को बता चुकी है कि द्वारपालक प्रतिमाओं और श्रीकोविल के स्वर्णमंडित चौखटों से कथित तौर पर सोना गायब होने से जुड़े दोनों मामलों की जांच पूरी हो चुकी है।यह मामला वर्ष 2019 से जुड़ा है, जब सबरीमाला मंदिर की सोने से मढ़ी गई वस्तुओं को दोबारा स्वर्ण परत चढ़ाने के लिए चेन्नई की एक कंपनी को भेजा गया था।
इस प्रक्रिया का प्रायोजन उन्नीकृष्णन पोट्टी ने किया था। एसआईटी को संदेह है कि दोबारा स्वर्ण परत चढ़ाने के दौरान इन वस्तुओं से सोना निकाल लिया गया। इसी मामले में पोट्टी को मुख्य आरोपी बनाया गया है। जांच के दौरान उन्हें गिरफ्तार भी किया गया था, हालांकि तीन महीने से अधिक न्यायिक हिरासत में रहने के बाद उन्हें वैधानिक जमानत मिल गई थी।सबरीमाला मामले के बीच केरल हाईकोर्ट ने एट्टुमानूर महादेव मंदिर की प्रसिद्ध 'एझारापोनाना' प्रतिमाओं की जांच के आदेश दिए हैं। यह प्रतिमाएं सात बड़े और एक छोटे स्वर्ण हाथी की हैं, जिन्हें केवल वार्षिक मंदिर उत्सव के दौरान बाहर निकाला जाता है।
अदालत ने त्रावणकोर देवस्वम बोर्ड के मुख्य सतर्कता एवं सुरक्षा अधिकारी को मंदिर के रिकॉर्ड और प्रतिमाओं की जांच कर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है।मंदिर के एक श्रद्धालु ए. जी. प्रसाद कुमार ने शिकायत की थी कि मरम्मत कार्य के दौरान प्रतिमाओं की मूल स्वर्ण परत हटाकर उसकी जगह तांबा या कम मूल्य वाली धातु का इस्तेमाल किया गया। हालांकि, मंदिर प्रशासन और सहायक देवस्वम आयुक्त की रिपोर्ट में किसी भी तरह की गड़बड़ी से इनकार किया गया है। इसके बावजूद हाईकोर्ट ने स्वतंत्र जांच कराने का फैसला लिया है।सबरीमाला मंदिर में कथित सोना गायब होने के मामले में एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई तेज हो सकती है। वहीं, एट्टुमानूर मंदिर मामले की जांच रिपोर्ट भी राज्य के मंदिर प्रशासन और श्रद्धालुओं के लिए अहम साबित होगी।
