संकट में ढाल बना भारत: वेनेजुएला के लिए चिकित्सा दल व राहत सामग्री रवाना, फिर दिया वसुधैव कुटुंबकम का संदेश
वेनेजुएला के लिए चिकित्सा दल और राहत सामग्री भेजना अकेला उदाहरण नहीं है। दुनिया के किसी भी कोने में जब भी कुदरत ने कहर बरपाया
वेनेजुएला के लिए चिकित्सा दल और राहत सामग्री भेजना अकेला उदाहरण नहीं है। दुनिया के किसी भी कोने में जब भी कुदरत ने कहर बरपाया, भारत ने हमेशा वसुधैव कुटुंबकम् का शाश्वत सिद्धांत चरितार्थ किया है।
पिछले एक दशक का इतिहास देखें तो भारत ने अपनी भौगोलिक सीमाओं से परे बिना किसी राजनीतिक नफा-नुकसान की परवाह किए संकटग्रस्त देशों की ढाल बनकर रक्षा की है।
तिरंगा, संकट के समय दुनिया के लिए एक उम्मीद और भरोसे का दूसरा नाम बन चुका है। एक विकासशील देश होने के बावजूद मानवीय सहायता
के मामले में भारत का रिकॉर्ड कई विकसित देशों से बेहतर है।
