घूंघट की परंपरा वाले समाज में पहली बार 12 साल की बच्ची बनी गांव की 'ठाकुर', रक्त से हुआ राजतिलक
राजस्थान के पाली जिले से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने वर्षों पुरानी परंपराओं के बीच एक नया अध्याय जोड़ दिया. जिस समाज को
राजस्थान के पाली जिले से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने वर्षों पुरानी परंपराओं के बीच एक नया अध्याय जोड़ दिया. जिस समाज को घूंघट और पारंपरिक रीति-रिवाजों के लिए जाना जाता है, उसी समाज में पहली बार एक 12 साल की बालिका को गांव का ठाकुर और उत्तराधिकारी घोषित किया गया. यह ऐतिहासिक रस्म पाली जिले के खैरवा ठिकाने में निभाई गई, जहां ठाकुर हरीशचंद्र जोधा के निधन के बाद उनकी पुत्री तेजस्वी कुमारी जोधा को उत्तराधिकारी बनाया गया.
