जहां बेटियां घूंघट में रहती थीं, वहीं पहली बार 12 साल की बच्ची बनी 'ठाकुर'
पाली जिले के खैरवा ठिकाने में इतिहास रचते हुए पहली बार 12 वर्षीय तेजस्वी कुमारी जोधा को गांव का उत्तराधिकारी घोषित किया गया. ठाकुर हरीशचंद्र
पाली जिले के खैरवा ठिकाने में इतिहास रचते हुए पहली बार 12 वर्षीय तेजस्वी कुमारी जोधा को गांव का उत्तराधिकारी घोषित किया गया. ठाकुर हरीशचंद्र जोधा के निधन के बाद पूर्व राजपरिवार की परंपराओं के अनुसार उनके सिर पर जोधपुर राजपरिवार की ओर से भेजी गई पाग बांधी गई और रक्त से तिलक कर उन्हें गांव की ठाकुर बनाया गया.
