Supreme Court: 500 रुपये की घड़ी बनी थी युवक के मौत की वजह, 29 साल बाद सुप्रीम कोर्ट ने आरोपी को किया आजाद
साल 1997 में 500 रुपये की एक घड़ी को लेकर शुरू हुआ पड़ोसियों का मामूली विवाद आखिरकार एक व्यक्ति की मौत का कारण बन गया।
साल 1997 में 500 रुपये की एक घड़ी को लेकर शुरू हुआ पड़ोसियों का मामूली विवाद आखिरकार एक व्यक्ति की मौत का कारण बन गया। इस मामले में करीब तीन दशक बाद सुप्रीम कोर्ट ने अंतिम फैसला सुनाते हुए लंबे समय से चली आ रही आपराधिक कार्यवाही को समाप्त कर दिया। जस्टिस उज्ज्वल भुइयां और जस्टिस अरुण पल्ली की बेंच ने भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 304 के तहत दोषी ठहराए गए तीन लोगों के मामले का निपटारा करते हुए कहा कि दोषसिद्धि तो बरकरार रहेगी, लेकिन अब जीवित बचे एक आरोपी को उतनी ही सजा मान ली जाएगी, जितनी वह पहले ही काट चुका है।
