डॉलर, क्रूड ऑयल और बाजार... अमेरिका-ईरान की बातचीत से तय होगा आपकी जेब का भविष्य
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच पश्चिम एशिया संकट को लेकर चल रही वार्ताओं से जुड़े घटनाक्रम, कच्चे तेल की कीमतें और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां अगले सप्ताह स्थानीय शेयर बाजार की दिशा तय करेंगी। विश्लेषकों का मानना है कि छुट्टियों के कारण कम कारोबारी सत्रों वाला
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच पश्चिम एशिया संकट को लेकर चल रही वार्ताओं से जुड़े घटनाक्रम, कच्चे तेल की कीमतें और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां अगले सप्ताह स्थानीय शेयर बाजार की दिशा तय करेंगी। विश्लेषकों का मानना है कि छुट्टियों के कारण कम कारोबारी सत्रों वाला यह सप्ताह उतार-चढ़ाव भरा रह सकता है। ‘बकरीद’ के अवसर पर गुरुवार को शेयर बाजार बंद रहेंगे। इसके अलावा निवेशकों की नजर रुपये-डॉलर की चाल और वैश्विक बाजारों के रुख पर भी रहेगी। पिछले सप्ताह बीएसई बेंचमार्क 177.36 अंक चढ़ा और एनएसई निफ्टी 75.8 अंक ऊपर गया। रेलिगेयर ब्रोकिंग लिमिटेड के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट (रिसर्च) अजित मिश्रा ने कहा, ‘इस सप्ताह बाजार वैश्विक आर्थिक घटनाक्रम और मुद्रा बाजार की गतिविधियों के प्रति काफी संवेदनशील रहेगा।
निवेशक कच्चे तेल की कीमतों, अमेरिका-ईरान वार्ता, डालर और बांड रिटर्न पर करीबी नजर रखेंगे, क्योंकि इनका असर विदेशी निवेश प्रवाह और निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता पर पड़ेगा।’ भारत की यात्रा पर आए अमेरिकी विदेशी मंत्री मार्को रुबियो ने शनिवार को कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में कुछ प्रगति हुई है, जिससे यह संकेत मिलता है कि पश्चिम एशिया में संघर्ष सुलझने के करीब है। आरबीआई ने शुक्रवार को मार्च, 2026 में खत्म हुए साल के लिए सरकार को 2.87 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड डिविडेंड देने का एलान किया है, जिससे पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण बढ़ते आयात बिल और सप्लाई चेन में रुकावटों के बीच सरकारी खजाने को बड़ा वित्तीय सहारा मिला है।
खबरें और भी विश्लेषकों के अनुसार, बाजार भागीदार केंद्रीय बैंक के इस रिकार्ड लाभांश के प्रभाव का आकलन करेंगे, खासकर नकदी, सरकारी खर्च और राजकोषीय स्थिति पर इसके असर को लेकर। हालिया सुधार के बावजूद बाजार भागीदारों के सतर्क रहने की संभावना ऑनलाइन ट्रेडिंग और वेल्थ टेक फर्म एनरिच मनी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) पोनमुडी आर ने कहा कि आने वाले सप्ताह में बाजार की दिशा मुख्य रूप से अमेरिका-ईरान स्थिति, कूटनीतिक वार्ताओं और कच्चे तेल की कीमतों से जुड़ी खबरों पर निर्भर करेगी। हालांकि, तनाव कम होने की उम्मीद से निवेशकों की धारणा में कुछ सुधार हुआ है, लेकिन वार्ता के अंतिम परिणाम को लेकर अनिश्चितता अब भी बनी हुई है।
उन्होंने कहा कि निवेशक रुपये की चाल, वैश्विक शेयर बाजारों के रुझान, संस्थागत निवेशकों के निवेश प्रवाह और व्यापक आर्थिक संकेतकों पर भी नजर बनाए रखेंगे। पोनमुडी ने कहा, "वैश्विक अनिश्चितता अभी भी बनी हुई है, इसलिए धारणा में हालिया सुधार के बावजूद बाजार भागीदारों के सतर्क बने रहने की संभावना है।
-1779647526665_m.webp)