Lucknow, India

Marco Rubio India Visit: भारत-अमेरिका रिश्तों पर क्या बोले US के विदेश मंत्री? जयशंकर की तारीफ में पढ़े कसीदे

Published 24 May 2026 · india

अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भारत और अमेरिका के रिश्तों को 21वीं सदी की सबसे अहम साझेदारियों में से एक बताया है। नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान रुबियो ने कहा कि बदलती दुनिया में भारत और अमेरिका मिलकर बड़े वैश्विक मुद्दों का समाधान निकाल सकते

अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भारत और अमेरिका के रिश्तों को 21वीं सदी की सबसे अहम साझेदारियों में से एक बताया है। नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान रुबियो ने कहा कि बदलती दुनिया में भारत और अमेरिका मिलकर बड़े वैश्विक मुद्दों का समाधान निकाल सकते हैं। उन्होंने भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर की खुलकर तारीफ करते हुए उन्हें बेहद बुद्धिमान और शानदार नेता बताया। रुबियो ने कहा कि विदेश मंत्री बनने के बाद उनकी शुरुआती बैठकों में से एक बैठक क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों के साथ हुई थी, जहां पहली बार उनकी मुलाकात जयशंकर से हुई थी। व्यापार और निवेश को मजबूत कर दोनों देशों की अर्थव्यवस्था को फायदा पहुंचा सकते हैं। सुरक्षा और रक्षा साझेदारी के जरिए वैश्विक चुनौतियों का मुकाबला कर सकते हैं। वैश्विक स्थिरता और बेहतर भविष्य के लिए मिलकर काम करने की क्षमता रखते हैं। दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास में अमेरिका के 250वें स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान मार्को रुबियो ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक साझेदारी लगातार मजबूत हो रही है।

उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच साझा मूल्य और समान हित हैं, जो आने वाले समय में दोनों देशों को और करीब लाएंगे। रुबियो ने कहा कि 21वीं सदी में दुनिया जिन चुनौतियों और अवसरों का सामना कर रही है, उनमें भारत और अमेरिका मिलकर अहम भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने साफ कहा कि उनका भारत दौरा सिर्फ औपचारिक यात्रा नहीं बल्कि रिश्तों को और मजबूत करने की कोशिश है।मार्को रुबियो ने अपने संबोधन में विदेश मंत्री एस. जयशंकर की विशेष रूप से सराहना की। उन्होंने कहा कि जयशंकर ने भारत के लिए शानदार काम किया है और वह ऐसे नेता हैं, जिनके प्रति उनके मन में बहुत सम्मान है। रुबियो ने कहा कि विदेश मंत्री के तौर पर शपथ लेने के बाद उनकी पहली महत्वपूर्ण बैठकों में क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक शामिल थी और वहीं उनकी पहली मुलाकात जयशंकर से हुई थी। उन्होंने जयशंकर को ट्रूली वाइज जेंटलमैन यानी बेहद बुद्धिमान व्यक्ति बताया। साथ ही भारत सरकार और भारतीय नेताओं द्वारा दिए गए आतिथ्य के लिए भी धन्यवाद दिया।

क्वाड बैठक को लेकर क्यों अहम माना जा रहा दौरा? मार्को रुबियो का यह दौरा इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि वह मंगलवार को होने वाली क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेने वाले हैं। क्वाड में भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया शामिल हैं। इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में बढ़ती रणनीतिक चुनौतियों के बीच इस बैठक को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। माना जा रहा है कि बैठक में सुरक्षा, समुद्री सहयोग और आर्थिक साझेदारी जैसे मुद्दों पर चर्चा हो सकती है। रुबियो ने भी अपने बयान में संकेत दिया कि भारत और अमेरिका आने वाले समय में और मजबूत तरीके से साथ काम करेंगे। कार्यक्रम में क्या रहा खास आकर्षण? अमेरिका के 250वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में संगीतकार एआर रहमान की प्रस्तुति सबसे बड़ा आकर्षण रही। ऑस्कर विजेता एआर रहमान ने अपने मशहूर गीत ‘जय हो’ की प्रस्तुति दी, जिसे कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने काफी सराहा। इस कार्यक्रम में विदेश मंत्री एस. जयशंकर और भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर भी मौजूद रहे।

समारोह के दौरान दोनों देशों की दोस्ती और साझेदारी को लेकर सकारात्मक माहौल देखने को मिला। क्या भारत-अमेरिका संबंध नई ऊंचाई की ओर बढ़ रहे हैं? मार्को रुबियो के बयान को भारत-अमेरिका संबंधों के लिहाज से अहम माना जा रहा है। हाल के वर्षों में दोनों देशों के बीच रक्षा, तकनीक, व्यापार और वैश्विक रणनीति के स्तर पर रिश्ते मजबूत हुए हैं। ऐसे समय में जब दुनिया कई भू-राजनीतिक चुनौतियों से गुजर रही है, तब भारत और अमेरिका की बढ़ती नजदीकी को वैश्विक राजनीति में बड़ा संकेत माना जा रहा है। रुबियो का बयान यह दिखाता है कि अमेरिका भारत को सिर्फ एक साझेदार नहीं बल्कि भविष्य की वैश्विक ताकत के रूप में देख रहा है।

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