Fraud: क्रिप्टो में पैसे दोगुना करने का झांसा, फिर 17.64 लाख लूटकर फरार; बंगलूरू पुलिस ने 12 आरोपियों को दबोचा
क्रिप्टोकरेंसी में निवेश और लेनदेन के नाम पर ठगी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। ताजा मामला बंगलूरू से सामने आया है, जहां एक शख्स
क्रिप्टोकरेंसी में निवेश और लेनदेन के नाम पर ठगी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। ताजा मामला बंगलूरू से सामने आया है, जहां एक शख्स को भारतीय मुद्रा को यूएसडीटी (USDT) क्रिप्टोकरेंसी में बदलने का झांसा देकर 17.64 लाख रुपये लूट लिए गए। आरोपियों ने न केवल पीड़ित से नकदी छीनी, बल्कि उसके साथ मारपीट भी की। इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 12 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से बड़ी मात्रा में नकदी और अन्य सामान भी बरामद किया है। कैसे रची गई 17.64 लाख रुपये की लूट की साजिश? पुलिस के अनुसार, मामला संजयनगर थाना क्षेत्र का है। कोडिगेहल्ली निवासी एक व्यक्ति ने 10 जून को शिकायत दर्ज कराई थी।
शिकायतकर्ता ने बताया कि वह एक कैफे खोलने की योजना बना रहा था और इसके लिए रसोई से जुड़ा सामान खरीदना चाहता था। एक मित्र ने उसे बताया कि जापान और चीन से कम कीमत पर सामान खरीदा जा सकता है, लेकिन इसके लिए क्रिप्टोकरेंसी के जरिए भुगतान करना होगा। इसके बाद पीड़ित ने यूएसडीटी ट्रेडिंग से जुड़े एक व्हाट्सऐप ग्रुप को जॉइन किया। पुलिस के मुताबिक, व्हाट्सऐप ग्रुप के एक सदस्य ने पीड़ित से संपर्क किया। 8 जून की रात वह पीड़ित के घर पहुंचा और 2.50 लाख रुपये को सफलतापूर्वक यूएसडीटी में बदल दिया। इससे पीड़ित को भरोसा हो गया। अगले दिन जब उसने 17.64 लाख रुपये की बड़ी रकम को क्रिप्टोकरेंसी में बदलने की इच्छा जताई, तो आरोपियों ने उसे संजयनगर स्थित कल्पना चावला रोड पर बुलाया।
घटनास्थल पर क्या हुआ? 9 जून की रात पीड़ित अपने भाई और एक दोस्त के साथ 17.64 लाख रुपये लेकर बताए गए स्थान पर पहुंचा। पुलिस के अनुसार, वहां मौजूद आरोपियों ने बिना कोई क्रिप्टोकरेंसी ट्रांसफर किए नकदी छीन ली। जब पीड़ित और उसके साथियों ने विरोध किया तो आरोपियों ने उनके साथ मारपीट की और मौके से फरार हो गए। पुलिस आरोपियों तक कैसे पहुंची? मामले की जांच के दौरान पुलिस ने कई सुराग जुटाए और मुखबिरों से मिली जानकारी के आधार पर 11 जून को देवनसंद्रा इलाके से चार लोगों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उन्होंने अपने आठ अन्य साथियों की संलिप्तता स्वीकार की। इसके बाद पुलिस ने बाकी आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया।
फिलहाल कुल 12 आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं। पुलिस ने क्या-क्या बरामद किया? पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 13.90 लाख रुपये नकद, छह दोपहिया वाहन, एक कार और 13 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। गिरफ्तार चार आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 10 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस ने बताया कि मामले का एक आरोपी अभी फरार है, जिसकी तलाश जारी है। पूरे मामले की जांच अभी भी जारी है।
